Makar Sankranti Par Kya Kya Banta Hai: क्या आप जानते हैं कि सूर्य 6 महीने दक्षिणायन और 6 महीने उत्तरायण में रहता है। मकर संक्रांति ही वो दिन है जब सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति हिंदुओं के लिए काफी महत्वपूर्ण फेस्टिवल है। इस दिन का लोग सालभर इंतजार करते हैं। इस साल ये त्योहार 14 जनवरी को है। आज सुबह होते ही स्नान और पूजा के बाद तिल, लड्डू, खिचड़ी और दही-चूड़ा खाने की बारी आएगी। पतंग उड़ने लगेंगे तो तिल-गुड़ की मिठास दिल खुश कर देगी। मकर संक्रांति पर और भी कई सारी चीजें बनती हैं, जिन्हें घरवालों के साथ घर में आए मेहमान भी खूब एंजॉय करते हैं। यहां जानते हैं कि मकर संक्रांति पर क्या क्या बनाना चाहिए और क्या खाना चाहिए।
खिचड़ी
मकर संक्रांति के दिन कहीं उड़द की दाल तो कहीं मूंग की दाल की खिचड़ी जरूर बनती है। इस दिन खासतौर से चावल खाने का ही महत्व होता है। लोग दाल और चावल को मिक्स करके टेस्टी खिचड़ी बनाते हैं और फिर उसके ऊपर घी कड़कड़ाके डालते हैं और मजे से खाते हैं।
तिल-गुड़ के लड्डू
मकर संक्रांति पर कोई ऐसा घर नहीं होगा जहां तिल से कोई खास रेसिपी न बनती हो। इस दिन तिल और गुड़ के लड्डू तो बनते ही हैं। यूपी-बिहार में तिल से बना तिलकुट भी खाया जाता है। हां, जब दान देने की बारी आती है तब भी लोग तिल और गुड़ का ही संक्रांति के दिन करते हैं।
गजक और चिक्की
संक्रांति के दिन रेबड़ी और गजक का भी महत्व होता है। इस दिन तिल से बनी चीजें जरूर खानी चाहिए। इससे पुण्य की प्राप्त होती है। आप मूंगफली की चिक्की भी खा सकते हैं।
मूंग के मंगौड़े
मकर संक्रांति के दिन मध्य प्रदेश में मूंग दाल के मंगौड़े बनाकर खाते हैं। सर्दियों में गर्मागरम मूंग दाल के मंगौड़े और उसके साथ हरी चटनी खाने में मजा आ जाएगा। आप इसे जरूर ट्राई कर सकते हैं।
दही चूड़ा
मकर संक्रांति के दिन बिहार और झारखंड में खासतौर से दही चूड़ा खाने का चलन है। दही चूड़ा को गुड़ के साथ खाया जाता है। इससे शरीर को कई फायदे भी मिलते हैं और खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है।
सकरइ पोंगल
तमिलनाडु में मकर संक्रांति को भोगी पोंगल कहते हैं, इसलिए इस दिन यहां स्वीट पोंगल बनाई जाती है। ये असल में चावल और गुड़ की खीर है, जिसे चने और ड्राई फ्रूट्स डालकर बनाते हैं। साउथ इंडिया में स्वीट पोंगल लोग बड़े चाव से खाते हैं।
