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Lal Bahadur Shastri: लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय, जानें क्यों बदला था अपना सरनेम

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jan 10, 2023, 03:52 PM IST

Lal Bahadur Shastri, लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय: साल 1928 में लाल बहादुर शास्त्री का विवाह मिर्जापुर के रहने वाले गणेशप्रसाद की बेटी ललिता से हुआ। उनकी 6 संतानें हुईं, जिसमें 2 बेटियां-कुसुम व सुमन और चार बेटे हरिकृष्ण, अनिल, सुनील और अशोक।

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लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय

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Lal Bahadur Shastri, लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय: देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri)का जन्म 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय में टीचर थे। उनकी मां का नाम रामदुलारी था। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण लाल बहादुर को परिवार के लोग नन्हें कहकर बुलाया करते थे। लाल बहादुर जब महज डेढ़ साल के थे तो उनके पिता का निधन हो गया था।

पिता के निधन के बाद उनकी मां लाल बहादुर को उनके नाना हजारीलाल के घर मिर्ज़ापुर लेकर चली गयीं। ननिहाल में रहते हुए ही उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद की शिक्षा उन्होंने हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई। काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने श्रीवास्तव को हटाते हुए शास्त्री लगा दिया।

साल 1928 में लाल बहादुर शास्त्री का विवाह मिर्जापुर के रहने वाले गणेशप्रसाद की बेटी ललिता से हुआ। उनकी 6 संतानें हुईं, जिसमें 2 बेटियां-कुसुम व सुमन और चार बेटे हरिकृष्ण, अनिल, सुनील और अशोक। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और आंदोलनों में लाल बहादुर शास्त्री की सक्रिय भागीदारी रही और वह कई बार जेल भी गए।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमण्डल में वह गृह मंत्री थे। बाद में नेहरू जी के निधन के बाद वह देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने। साफ सुथरी छवि के कारण ही उन्हें 1964 में देश का दूसरा प्रधानमंत्री बनाया गया।उनकी मृत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकन्द, सोवियत संघ रूस में हुई थी। उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया, लेकिन आज भी उनकी मौत रहस्यपूर्ण बनी हुई है। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक करीब 18 महीने तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरिया author

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई... और देखें

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