Can we grow Kiwi in the house: कीवी एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ ही स्वास्थ्य के हिसाब से भी बेस्ट है। इस फल को विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना माना जाता है। अपने गुणों के कारण यह फल बाजार में काफी महंगा मिलता है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या कीवी का पौधा घर पर लगा सकते हैं? लोग गूगल पर सर्च करते हैं कि घर पर गमले में कीवी का पौधा (Kiwi Plant care tips) कैसे लगाएं। ऐसे लोगों के लिए खुशखबरी ये है कि थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी के साथ इसे अपने घर के बगीचे या बड़े गमले में भी उगा सकते हैं।
Read Also: नींबू के पास भूलकर भी ना लगाएं ये पौधे
घर में कीवी कैसे उगाएं
कीवी उगाने के दो मुख्य तरीके हैं- बीज से या नर्सरी से पौधा खरीदकर। अगर आप बीज से पौधा लगाना चाहते हैं तो पके हुए कीवी से काले बीज निकालकर उन्हें सुखा लें और अंकुरित करें। ये याद रखें कि बीज से फल आने में 5-7 साल लग सकते हैं। इसी कारण कीवी के ग्राफ्टेड पौधे ही लाएं। आपको ये किसी भी नर्सरी में आसानी से मिल जाएगा।
एक बात हमेशा ध्यान रखना होगा कि कीवी से फल पाने के लिए आपको नर और मादा, दोनों पौधों की जरूरत होगी। आमतौर पर 8 मादा पौधों के बीच 1 नर पौधा लगाया जाता है।
कीवी का पौधा गमले में कैसे उगाएं
कीवी के लिए हल्की अम्लीय और अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी होती है। मिट्टी में भरपूर मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। इसे रोजाना 6-8 घंटे की सीधी धूप चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा तेज गर्मी से बचाना भी जरूरी है।
Read Also: पान के पौधे में नमक डालने से क्या होता है
कीवी का पौधा कितने दिन में फल देने लगता है
कीवी का पौधा कितने दिन में फल देगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपने इसे लगाने का कौन सा तरीका चुना है। जैसा कि हमने ऊपर बताया बीज से लगाए पौधे 5 से 7 साल में फल देते हैं। लेकिन वहीं अगर आपने ग्राफ्टेड पौधा लगाया है, तो 3 से 4 साल में फल आने शुरू हो जाते हैं।
कीवी के पौधे की देखभाल कैसे करें
गमले में कीवी की मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें। गर्मियों में नियमित पानी दें। कीवी की बेल काफी तेजी से फैलती है, इसलिए इसे सहारे के लिए मजबूत लकड़ी के ढांचे या ट्रेलिस की जरूरत होती है। साल में दो बार नाइट्रोजन वाली खाद डालें। सर्दियों के दौरान इसकी पुरानी और सूखी टहनियों की कटाई करें ताकि नई शाखाएं निकलें और फल ज्यादा आएं।
