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Loan Prepayment Rules: क्या समय से पहले लोन चुकाने से सुधरता है क्रेडिट स्कोर? एक्सपर्ट्स का जवाब सुनकर उड़ जाएंगे होश!

क्या समय से पहले लोन बंद करने से आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर तेजी से सुधरता है या इसमें गिरावट आती है? जानिए लोन प्रीपेमेंट का आपके क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट मिक्स पर पड़ने वाला असली वित्तीय असर।

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क्या समय से पहले लोन चुकाने से सुधरता है क्रेडिट स्कोर?

पर्सनल लोन, कार लोन या होम लोन की ईएमआई (EMI) भर रहे ज्यादातर लोगों का सपना होता है कि वे जितनी जल्दी हो सके अपना कर्ज चुकाकर कर्जमुक्त हो जाएं। आम तौर पर यही माना जाता है कि समय से पहले लोन का पूरा भुगतान (Loan Prepayment) कर देने से वित्तीय बोझ तो खत्म होता ही है, साथ ही क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) में भी बड़ा सुधार आता है। हालांकि, क्रेडिट और फाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह धारणा पूरी तरह सच नहीं है। वास्तव में, लोन को मैच्योरिटी से पहले बंद करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर तुरंत बहुत बड़ा सकारात्मक असर नहीं पड़ता, और कई मामलों में तो स्कोर में मामूली और अस्थायी गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

समय से पहले लोन चुकाने पर क्या होता है?

जब आप किसी लोन को समय से पहले पूरी तरह चुकाकर अकाउंट क्लोज (Account Close) करवाते हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL, Experian) के सिस्टम में आपकी क्रेडिट यूटिलाइजेशन और क्रेडिट हिस्ट्री अपडेट होती है। लोन बंद होने से आपके कुल एक्टिव क्रेडिट अकाउंट्स की संख्या कम हो जाती है। यदि आपने अपना सबसे पुराना लोन अकाउंट बंद कर दिया है, तो आपकी औसत 'क्रेडिट एज' (Credit History Length) घट जाती है, जो सिबिल स्कोर तय करने में एक अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा, क्रेडिट ब्यूरो आपके पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड (जैसे होम लोन) और अनसिक्योर्ड (जैसे क्रेडिट कार्ड) लोन के संतुलन यानी 'क्रेडिट मिक्स' को भी देखते हैं। एक एक्टिव इंस्टॉलमेंट लोन बंद होने से आपका क्रेडिट मिक्स प्रभावित हो सकता है, जिससे स्कोर में थोड़े समय के लिए कुछ अंकों की गिरावट आ सकती है।

सिबिल स्कोर पर क्या होगा असर?

हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लोन प्रीपेमेंट करना एक गलत फैसला है। भले ही शॉर्ट टर्म में आपका क्रेडिट स्कोर 5-10 पॉइंट गिर जाए, लेकिन लॉन्ग टर्म में कर्जमुक्त होना और अपनी ईएमआई का बोझ खत्म करना आपकी वित्तीय सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लोन क्लोज होने से आपकी 'डेट-टू-इनकम रेश्यो' (Debt-to-Income Ratio) सुधर जाती है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि भविष्य में जब आप किसी बड़े लोन जैसे होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपकी रिपेमेंट क्षमता को बेहतर मानते हैं और लोन अप्रूवल की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, समय से पहले लोन चुकाने से आप एक बड़ी रकम ब्याज (Interest) के रूप में बचा लेते हैं।

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, लोन समय से पहले चुकाने का फैसला केवल क्रेडिट स्कोर को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि अपने ओवरऑल फाइनेंशियल गोल्स को देखकर लेना चाहिए। अगर आपके पास अतिरिक्त फंड उपलब्ध है और आपके पास कोई हाई-इंटरेस्ट लोन (जैसे क्रेडिट कार्ड का बकाया या महंगा पर्सनल लोन) चल रहा है, तो उसे प्रीपे करना ही समझदारी है। लेकिन यदि आपका लोन काफी कम ब्याज दर पर है (जैसे होम लोन) और उस पैसे को आप किसी अच्छी जगह इन्वेस्ट करके ज्यादा रिटर्न कमा सकते हैं, तो प्रीपेमेंट की जगह इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता देना बेहतर रणनीति हो सकता है। लोन बंद करने के बाद हमेशा बैंक से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जरूर लें और सुनिश्चित करें कि सिबिल रिपोर्ट में खाता 'Closed' अपडेट हो चुका हो।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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