Irregular Sleep Side Effects: आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, वेब सीरीज देखना या काम करना लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है। कई लोग रोज अलग-अलग समय पर सोते हैं और सुबह भी कभी जल्दी तो कभी देर से उठते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी-सी आदत दिल की सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है? हाल ही में प्रकाशित एक 10 साल लंबी रिसर्च में सामने आया है कि अनियमित सोने का समय हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है। रिसर्चर्स का कहना है कि सिर्फ 7-8 घंटे की नींद लेना ही काफी नहीं है, बल्कि रोज लगभग एक ही समय पर सोना भी जरूरी है। अगर आपकी नींद का रूटीन अक्सर बदलता रहता है, तो यह शरीर की अंदरूनी घड़ी को बिगाड़ सकता है और धीरे-धीरे दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
अनियमित स्लीप टाइमिंग क्यों बन सकती है परेशानी
फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओउलू के शोधकर्ताओं द्वारा की गई इस रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों का सोने का समय तय नहीं था, उनमें दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा ज्यादा देखा गया। कभी बहुत देर से सोना और कभी जल्दी सो जाना, शरीर के नेचुरल रिद्म को बिगाड़ देता है। यही गड़बड़ी आगे चलकर दिल पर दबाव बढ़ा सकती है।
10 साल की स्टडी में सामने आया चौंकाने वाला सच
यह रिसर्च करीब एक दशक तक चली, जिसमें हजारों लोगों के सोने और उठने के पैटर्न को ट्रैक किया गया। जिन लोगों की नींद का समय रोज बदलता रहा, उनमें कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं ज्यादा पाई गईं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अनियमित नींद शरीर के मेटाबॉलिज्म, ब्लड प्रेशर और हार्मोन पर असर डालती है, जो दिल के लिए जोखिम बढ़ा सकती है।
सिर्फ नींद की मात्रा नहीं, समय भी है जरूरी
अक्सर लोग सोचते हैं कि 7-8 घंटे की नींद ले ली तो सब ठीक है, लेकिन रिसर्च बताती है कि नींद का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर आप रोज अलग समय पर सोते हैं, तो शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक गड़बड़ा सकती है, जिससे हार्ट हेल्थ प्रभावित हो सकती है।
बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ने से बढ़ सकता है खतरा
हमारे शरीर का हर फंक्शन एक तय समय के अनुसार चलता है। जब हम नींद का रूटीन बार-बार बदलते हैं, तो हार्मोन बैलेंस, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि एक्सपर्ट नियमित स्लीप शेड्यूल रखने की सलाह देते हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदत
अगर आप दिल की बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो रोज एक तय समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें और देर रात तक जागने की आदत को धीरे-धीरे कम करें। छोटी-सी यह आदत आपकी हार्ट हेल्थ को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।
यह रिसर्च साफ बताती है कि सिर्फ कम सोना ही नहीं, बल्कि गलत समय पर सोना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी नींद का समय नियमित रखें, ताकि दिल स्वस्थ और शरीर फिट बना रहे।
