Salted Peanut Recipe: मानसून में अदरक वाली गर्म चाय के साथ कुछ अच्छा नमकीन मिल जाए तो शाम मजेदार हो जाती है। ऐसे मौसम में पकौड़े और समोसे हर बार नहीं खाए जा सकते। बारिश में कभी कभी कुछ ऐसा चाहिए होता है जिसे एक बार बनाकर रख दें और जब मन करे, मुट्ठी भरकर निकाल कर खा लिया जाए। घर पर बनी सॉल्टेड पीनट इस जरूरत को आसानी से पूरा कर सकती है।
कई लोग सॉल्टेड पीनट के नाम पर मूंगफली भूनकर उस पर नमक छिड़क देते हैं। लेकिन इससे मूंगफली देर तक कुरकुरी नहीं रहती। और ना ऐसा करने से नमक दानों पर टिकता है। इसके लिए जरूरी है कि मूंगफली चुनने से लेकर उसे ठंडा करने तक कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
सॉल्टेड पीनट के लिए कैसी मूंगफली खरीदें
पैकेट जैसी सॉल्टेड पीनट बनाने के लिए बाजार से कच्ची और बिना नमक वाली मूंगफली लें। इसके दाने लगभग एक समान आकार के होने चाहिए। बहुत छोटे-बड़े दाने एक साथ होंगे तो भूनते समय छोटे दाने पहले जल जाएंगे और बड़े दाने अंदर से कच्चे रह सकते हैं।
इसके अलावा, मूंगफली खरीदते समय उसे सूंघकर भी देखें। उसमें सीलन, पुराने तेल या बासीपन जैसी गंध नहीं होनी चाहिए। ऐसी मूंगफली अच्छा टेस्ट नहीं देती हैं। ये भी ध्यान दें कि मानसून में खुली मूंगफली नमी जल्दी पकड़ती है, इसलिए किसी भरोसेमंद दुकान से ताजा स्टॉक वाले दाने ही खरीदें।
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अगर बाजार जैसी सफेद सॉल्टेड पीनट चाहिए तो छिलका उतरी हुई कच्ची मूंगफली यानी ब्लांच्ड पीनट लें। लाल छिलके वाली मूंगफली भी इस्तेमाल की जा सकती है। लेकिन भूनने के बाद कपड़े में रगड़कर छिलका निकालना होगा। ध्यान रखें कि दाने टूटे हुए न हों, क्योंकि टूटे दाने भूनते या तलते समय जल्दी गहरे हो जाते हैं।
सॉल्टेड पीनट बनाने के लिए सामग्री
- कच्ची छिलका उतरी मूंगफली: 2 कप
- नमक: 1 से डेढ़ छोटा चम्मच
- पानी: 3 बड़े चम्मच
- तेल: 1 छोटा चम्मच
- काली मिर्च पाउडर: एक चुटकी, ऑप्शनल
मूंगफली पर नमक की कोटिंग कैसे करें
अगर मूंगफली पर नमक की कोटिंग अच्छी होगी, तभी साल्टेड पीनट का स्वाद अच्छा आएगा। इसके लिए एक कटोरी में नमक और पानी मिलाकर नमकीन घोल तैयार कर लें। इस घोल को मूंगफली पर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और लगभग 10 मिनट के लिए छोड़ दें।
इसके बाद मूंगफली को छलनी में निकाल लें। अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकल जाने दें और दानों को किसी साफ कपड़े या प्लेट पर फैलाकर कुछ देर सुखा लें। मूंगफली बहुत गीली नहीं होनी चाहिए। इस तरीके से नमक केवल ऊपर चिपकता नहीं, बल्कि उसका हल्का स्वाद दाने के भीतर भी पहुंचता है।
कड़ाही में ऐसे बनाएं कुरकुरी सॉल्टेड पीनट
एक भारी तले की कड़ाही गर्म करें। इसमें नमक के पानी में तैयार की गई मूंगफली डालें और धीमी आंच पर भूनें। इस प्रोसेस की शुरुआत में मूंगफली से थोड़ी नमी निकलेगी। इस दौरान कड़ाही में रखी मूंगफली को लगातार चलाते रहें, ताकि दाने कड़ाही से चिपकें नहीं।
जब नमी सूख जाए तो इसमें एक छोटा चम्मच तेल डालें। अब मूंगफली को धीमी से मध्यम आंच पर लगभग 10 से 12 मिनट तक भूनें। तेज आंच करने से बचें। इससे मूंगफली बाहर से भूरी दिखाई दे सकती है, लेकिन अंदर कच्ची रह जाएगी।
अब एक दाना निकालकर ठंडा करें और चखकर देखें। अगर वह अंदर तक कुरकुरा हो गया है तो गैस बंद कर दें। जरूरत महसूस हो तो इसी समय थोड़ा बारीक नमक और काली मिर्च भी छिड़क सकते हैं।
बिल्कुल पैकेट जैसा स्वाद चाहिए तो तल सकते हैं
अगर आपको बिल्कुल ही बाजार जैसा स्वाद चाहिए तो मूंगफली को तल भी सकते हैं। हां, बस ऐसा करने पर आपको आप कैलोरी की चिंता छोड़नी पड़ेगी। मूंगफली को फ्राई करने के लिए कड़ाही में तेल को मध्यम आंच पर गर्म करें और मूंगफली को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालें। आंच धीमी से मध्यम रखें और दानों का रंग हल्का सुनहरा होते ही उन्हें बाहर निकाल लें।
इस बात का इंतजार न करें कि मूंगफली कड़ाही में ही गहरी और पूरी कुरकुरी हो जाए। गर्म तेल से निकलने के बाद भी वह कुछ देर पकती रहती है। बहुत गहरा होने तक तलने पर उसका स्वाद कड़वा हो सकता है या मूंगफली लाल होकर थोड़ा जला हुआ स्वाद भी दे सकती हैं। इसके बाद गर्म मूंगफली पर तुरंत बारीक नमक डालें, ताकि वह अच्छी तरह चिपक जाए।
मूंगफली को कुरकुरा बनाने के लिए क्या करें
ताजी भुनी या तली हुई मूंगफली गर्म रहते हुए थोड़ी मुलायम लग सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि वह ठीक से तैयार नहीं हुई। इसे किसी बड़ी प्लेट या ट्रे में एक परत में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडी होते ही दाने कुरकुरे हो जाएंगे।
इस दौरान प्लेट को ढकें नहीं। भाप अंदर रह गई तो मूंगफली कुरकुरी होने के बजाय नम और चबाने वाली हो सकती है।
मानसून में मूंगफली को कुरकुरा कैसे रखें
बारिश के दिनों में सॉल्टेड पीनट को सीलन से बचाना जरूरी है। मूंगफली को पूरी तरह ठंडा करने के बाद ही साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में भरें। डिब्बे से मूंगफली निकालने के लिए हमेशा सूखा चम्मच इस्तेमाल करें।
मूंगफली को गैस, सिंक या ऐसी जगह के पास न रखें जहां भाप और नमी अधिक हो। सही तरीके से रखने पर मूंगफली लगभग दो से तीन सप्ताह तक अच्छी रह सकती है। अगर कुछ दिनों बाद हल्की नरम पड़ जाए तो उसे कड़ाही में दो से तीन मिनट धीमी आंच पर दोबारा भून लें। ठंडी होने पर उसका कुरकुरापन लौट आएगा।
घर की सॉल्टेड पीनट की खास बात यही है कि इसमें नमक और तेल अपने स्वाद के अनुसार रखा जा सकता है। चाहें तो सादा रखें या गैस बंद करने के बाद चुटकी भर काली मिर्च, चाट मसाला अथवा अमचूर मिलाकर हर बार नया स्वाद तैयार कर लें।
