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गर्मी का काल है बंगाली डिश पंता भात, जानें इसे बनाने का सही तरीका और जबरदस्त फायदे

Panta Bhat: जैसा का नाम से ही पता चल रहा है, पंता भात चावल से बनी डिश है। इस बचे हुए चावलों को फर्मेंट करके बनाया जाता है।

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बंगाल के लोगों की फेवरेट डिश है पंता भात (AI Image)

Panta Bhat Recipe in Hindi: इन दिनों बंगाल काफी गर्म है। एक तो गर्मी का मौसम और दूसरा चुनावी सरगर्मी। चुनाव को संपन्न हैं लेकिन नतीजे अभी नहीं आए हैं। इस चुनावी समर में पश्चचिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों को पंता भात खाने की सलाह दी थी। वैसे बंगाल के लोगों के लिए पंता भात कुछ नया नहीं है। हालांकि गर्मियों के मौसम में यह बंगाली डिश बेहद उपयोगी हो जाती है। साधारण बासी चावल से बना यह पकवान न केवल स्वाद में अनोखा है, बल्कि विज्ञान की दृष्टि से भी इसे सुपरफूड माना गया है।

क्या है पंता भात? (What is Panta Bhat)

जैसा का नाम से ही पता चल रहा है, पंता भात चावल से बनी डिश है। इस बचे हुए चावलों को फर्मेंट करके बनाया जाता है। बंगाल के साथ ही यह डिश असम, ओडिशा और त्रिपुरा की संस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा है। इसे बनाना काफी आसान होता है इसी कारण से ये लोगों को बीच काफी पॉपुलर भी है।

पंता भात कैसे बनाते हैं (Panta Bhat Recipe)

पंता भात बनाने की प्रक्रिया जितनी सरल है, इसके फायदे उतने ही गहरे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये देसी बंगाली डिश बनती कैसे है:

- सबसे पहले सामान्य सफेद चावल उबाल लें। यदि रात के बचे हुए चावल हैं, तो वे सबसे उपयुक्त माने जाते हैं।

- चावल को एक मिट्टी के बर्तन या किसी साफ बर्तन में रखें और उसमें इतना पानी डालें कि चावल पूरी तरह डूब जाएं।

- बर्तन को ढककर रात भर (लगभग 8-10 घंटे) के लिए कमरे के तापमान पर छोड़ दें। रात भर में चावल फर्मेंट हो जाते हैं।

- सुबह इसमें थोड़ा नमक, सरसों का तेल, बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च मिलाएं। बंगाल में इसे अक्सर 'आलू चोखा' या तली हुई मछली के साथ परोसा जाता है।

पंता भात के फायदे

आपने देखा कि इसे बनाना कितना आसान है। अब इसके फायदे जान लिजिए:

1. नेचुरल प्रोबायोटिक: फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के कारण इसमें फायदेमंद बैक्टीरिया पैदा होते हैं। यह पेट के स्वास्थ्य को सुधारता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

2. लू से बचाव: पंता भात की तासीर ठंडी होती है। गर्मी के मौसम में ये डिश शरीर को ठंडा रखती है और डिहाइड्रेशन से बचाती है।

3. इंस्टैंट एनर्जी: शोध बताते हैं कि फर्मेंटेशन के बाद चावल में आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। यह थकान दूर करने और तुरंत ऊर्जा देने में सहायक है।

4. हल्का और पचने लायक: यह पेट पर बहुत हल्का होता है और शरीर को भारीपन महसूस नहीं होने देता।

पंता भात कोई आज की डिश नहीं है। सदियों से यह खाया जाता रहा है। यह उन कुछ कास देसी व्यंजनों में शामिल है जो आज भी स्वाद के साथ ही हमारी सेहत के लिए भी लाभकारी है। तो अगर आप इस गर्मी में खुद को हाइड्रेटेड और ऊर्जावान रखना चाहते हैं, तो बंगाल की इस पारंपरिक डिश को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। यह न केवल आपके शरीर को ठंडा रखेगा, बल्कि आपकी इम्युनिटी को भी बूस्ट करेगा।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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