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पेरेंट्स कैसे पता करें कि बच्चा तनाव में तो नहीं है? दिखें ये 5 लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान

तनावग्रस्त बच्चे या तो बहुत कम सोते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा। खाने की आदतों में भी बदलाव दिख सकता है। जैसे कभी बिल्कुल भूख न लगना, तो कभी बार-बार खाना।

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पेरेंट्स कैसे पता करें कि बच्चा तनाव में तो नहीं है? (Photo: iStock)

कई बार देखने को मिलता है कि सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी तनाव से गुजर रहे होते हैं। पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया का असर, दोस्तों की प्रतिस्पर्धा और कभी-कभी घर का माहौल भी उन्हें अंदर से परेशान कर देता है। लेकिन छोटे बच्चे खुलकर अपना दर्द नहीं कह पाते। ऐसे में पेरेंट्स को उनकी छोटी-छोटी आदतों और संकेतों पर ध्यान देना चाहिए कि कही बच्चा स्ट्रेस में तो नहीं है। आइए जानते हैं कि पेरेंट्स कैसे पता लगाएं बच्चे का तनाव:

1. व्यवहार में बदलाव

अगर बच्चा अचानक बहुत चुप रहने लगे या फिर बिना बात चिड़चिड़ा हो जाए, तो यह तनाव का संकेत हो सकता है।

2. नींद और खाने की आदतें

तनावग्रस्त बच्चे या तो बहुत कम सोते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा। खाने की आदतों में भी बदलाव दिख सकता है। जैसे कभी बिल्कुल भूख न लगना, तो कभी बार-बार खाना।

3. पढ़ाई और खेल में अरुचि

अगर बच्चा अचानक पढ़ाई, खेल या अपनी पसंदीदा गतिविधियों में दिलचस्पी खो दे, तो समझिए उसके मन में कोई बोझ है।

4. शारीरिक शिकायतें

सिरदर्द, पेट दर्द या थकान जैसी शिकायतें बार-बार हों और डॉक्टर को दिखाने पर कारण न मिले, तो इसके पीछे तनाव हो सकता है।

5. बार-बार डरना या रोना

छोटी-सी बात पर रोना या डर जाना भी तनाव की निशानी है।

पेरेंट्स क्या करें?

ऊपर बताए गए लक्षण दिखें तो पेरेंट्स समझ जाएं कि उनका बच्चा तनाव में है। ऐसे में उन्हें बच्चे से प्यार और धैर्य के साथ बात करनी चाहिए। उन्हें बिना टोके सुनने की कोशिश करें। उनकी छोटी-छोटी बातों को भी हल्के में न लें। उसके दोस्तों या स्कूल टीचर्स से भी फीडबैक लें। अगर आपको लगे तो जरूरत पड़ने पर काउंसलर की मदद लें।

बतौर पेरेंट्स हमें भूलना नहीं चाहिए कि बच्चा अगर तनाव में है तो उसे सबसे पहले अपने माता-पिता की समझ और सहारे की जरूरत होती है। प्यार, धैर्य और समय देकर ही आप उसे इस बोझ से बाहर ला सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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