How To Grow Watermelon: तरबूज एक गर्मी का फल है जो बहुत रसीला और मीठा होता है। इसमें विटामिन A, C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इस रसीले फल की खेती गर्म जलवायु में होती है। अब बात करें इसके स्वाद की तो तरबूज भला किसे नहीं पसंद। वैसे तो इसे खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता है, लेकिन आपको पता होना चाहिए कि इसे गमले में उगाना भी काफी आसान है। यहां से आप तरबूज उगाने की कला सीख सकते हैं।
तरबूज गर्मी में अच्छा फल देता है, इसलिए बीज बोने का सबसे सही समय फरवरी से अप्रैल के बीच होता है। ठंडे मौसम में इसके बीज अंकुरित नहीं होते और पौधों की वृद्धि धीमी हो जाती है।
तरबूज को कम से कम 6–8 घंटे की प्रतिदिन धूप की जरूरत होती है। अगर आप इसे छत या आंगन में उगा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह स्थान पूरा दिन रोशनी में रहे।
तरबूज के लिए दोमट (loamy) मिट्टी सबसे बेहतर होती है, जिसमें पानी रुकता नहीं हो। आप सामान्य बगीचे की मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाकर मिट्टी को पोषक बना सकते हैं। मिट्टी का pH 6.0–6.8 के बीच होना चाहिए।
अगर आप गमले में तरबूज उगा रहे हैं तो गमला कम से कम 18 इंच गहरा और चौड़ा होना चाहिए। बीज को लगभग 1 इंच गहराई में बोएं और मिट्टी से हल्के हाथ से ढक दें। एक गमले में 2-3 बीज डाल सकते हैं, लेकिन बाद में एक मजबूत पौधा ही रखें।
बीज अंकुरण और पौधे के बढ़ने की शुरुआत में मिट्टी को हल्का नम रखें और नियमित रूप से पानी दें। जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है और फल आने लगता है, पानी की मात्रा थोड़ी कम कर दें ताकि फल मीठा और स्वादिष्ट बने।
तरबूज की बेल ज़मीन पर फैलती है, लेकिन अगर जगह कम हो तो ट्रेलिस या मजबूत जाली का सहारा दिया जा सकता है। इससे बेल ऊपर चढ़ेगी और फल साफ-सुथरे रहेंगे।
तरबूज को बढ़ने के लिए समय-समय पर पोषण चाहिए। हर 15 दिन में वर्मीकम्पोस्ट, गोबर खाद या मछली अमृत जैसी जैविक खाद देने से पौधे स्वस्थ और फल बड़े होंगे। फूल आने पर पोटाश युक्त खाद से फल ज्यादा रसदार बनते हैं।
नीम के तेल का छिड़काव करने से एफिड्स, सफेद मक्खियाँ और अन्य कीट दूर रहते हैं। आप लहसुन और सिरके का स्प्रे भी बना सकते हैं जो प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है।
जब तरबूज का निचला भाग हल्का पीला हो जाए और थपथपाने पर खोखली आवाज आए, तो वह तोड़ने के लिए तैयार होता है। बीज बोने के 70–90 दिनों के अंदर फल तैयार हो जाता है।
