Holi Health Tips In Hindi: होली का नाम सुनते ही दिमाग में रंग, मस्ती, गुझिया, नमकीन, चाट और कई जगहों पर भांग की ठंडाई घूमने लगती है। त्योहार है तो थोड़ा-बहुत एक्स्ट्रा खाना तो बनता ही है। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब भांग, ढेर सारी मिठाइयां और ऊपर से जंक फूड एक साथ पेट में पहुंच जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह कॉम्बिनेशन शरीर पर अचानक बोझ डाल सकता है। खासकर जिन लोगों को गैस, एसिडिटी, डायबिटीज या लिवर की दिक्कत है, उनके लिए यह और भी रिस्की हो सकता है। इसलिए होली का मजा लें, लेकिन कुछ छोटी-छोटी सावधानियां जरूर रखें, ताकि त्योहार के बाद अस्पताल का चक्कर न लगाना पड़े।
भांग और मिठाई का साथ क्यों पड़ सकता है भारी?
डॉक्टरों के मुताबिक भांग शरीर के नर्वस सिस्टम पर असर डालती है। जब इसके साथ ज्यादा शक्कर वाली मिठाइयां खाई जाती हैं तो ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है। इससे चक्कर आना, उलझन, ज्यादा नींद या घबराहट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें तो खास तौर पर सावधान रहना चाहिए। भांग लेने के बाद भूख भी ज्यादा लगती है, और फिर लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। यही ओवरईटिंग बाद में परेशानी की वजह बनती है।
जंक फूड और तली-भुनी चीजें बढ़ाती हैं पेट की समस्या
होली पर पकौड़े, समोसे, कचौड़ी और चाट जैसे तले-भुने खाने खूब चलते हैं। लेकिन ये चीजें पहले से ही भारी होती हैं। जब इन्हें भांग या मीठे पेय के साथ लिया जाता है तो पेट पर डबल असर पड़ता है। इससे गैस, अपच, एसिडिटी और उल्टी जैसी समस्या हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहार के दिन हल्का और घर का बना ताजा खाना ज्यादा बेहतर रहता है।
खाली पेट भांग लेना सबसे बड़ी गलती
कई लोग सीधे सुबह भांग वाली ठंडाई पी लेते हैं, बिना कुछ खाए। यह आदत बिल्कुल सही नहीं है। खाली पेट भांग लेने से उसका असर तेज हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर गिरना, चक्कर आना या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पहले हल्का नाश्ता जरूर करें, फिर अगर लेना ही है तो सीमित मात्रा में लें।
पानी कम पीना भी बिगाड़ सकता है हाल
होली में लोग रंग खेलने और खाने-पीने में इतने बिजी हो जाते हैं कि पानी पीना भूल जाते हैं। भांग और मीठे पेय शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं। ऐसे में सिरदर्द, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए बीच-बीच में सादा पानी या नारियल पानी पीते रहना जरूरी है।
त्योहार के बाद डिटॉक्स भी है जरूरी
डॉक्टरों की सलाह है कि होली के अगले दिन हल्का और संतुलित आहार लें। खिचड़ी, दही, फल और हरी सब्जियां शरीर को रिकवर करने में मदद करती हैं। ज्यादा मसालेदार और तला खाना अगले दिन अवॉइड करें। अगर पेट में जलन, उल्टी या ज्यादा घबराहट हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
आखिर में बात सीधी है - होली का त्योहार खुशियों का है, लेकिन सेहत से समझौता करके नहीं। थोड़ा कंट्रोल, थोड़ा संतुलन और थोड़ी समझदारी रखें, ताकि रंगों की ये मस्ती लंबे समय तक यादगार बनी रहे।
