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Shayari on Hariyali: तू ही फूल सितारा सावन हरियाली, और कभी तू नागासाकी या अल्लाह.., पढ़ें हरियाली पर लिखे खूबसूरत शेर

Shayari on Hariyali: सावन में बादलों की ओट से छनती धूप, हल्की फुहारें और चिड़ियों की चहचहाहट मिल कर ऐसा माहौल बनाती हैं कि कोई भी बस उसी में डूब कर रह जाए।

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हरियाली पर शायरी हिंदी में (Photo: Pexels)

सावन का महीना आ चुका है। सावन की आमद के साथ ही धरती पर हरियाली की चादर बिछ जाती है। सूखी शाखें हरी पत्तियों से सज जाती हैं। खेतों में नई जान दौड़ पड़ती है। बादलों की ओट से छनती धूप, हल्की फुहारें और चिड़ियों की चहचहाहट मिल कर ऐसा माहौल बनाती हैं कि कोई भी बस उसी में डूब कर रह जाए।आइए पढ़ें हरियाली पर लिखे चंद मशहूर शेर:

1. राख हुई जाती है सारी हरियाली

आंखों में जंगल सा जलता रहता है

- अज़हर इक़बाल

2. क्या क्या मची हैं यारो बरसात की बहारें

जंगल सब अपने तन पर हरियाली सज रहे हैं

- नज़ीर अकबराबादी

3. इस धरती पर हरियाली की जोत जगा

काले मेघा पानी दे गर्दानी दे

- ज़ेब ग़ौरी

4. आंखों आंखों हरियाली के ख़्वाब दिखाई देने लगे

हम ऐसे कई जागने वाले नींद हुए सहराओं की

- जमाल एहसानी

5. तू ही फूल सितारा सावन हरियाली

और कभी तू नागा-साकी या अल्लाह

- निदा फ़ाज़ली

6. ग़ुंचों पे अजब शादाबी है और जाग उठी है हरियाली

तम्हीद बहार-ए-ताज़ा का दीदार ये पहली बारिश है

- सुहैल काकोरवी

7. फिर 'मुमताज़' किसी की यादें कूजें बन कर लौटेंगी

मौसम आने वाला है फिर ज़ख़्मों की हरियाली का

- मुमताज़ गुर्मानी

8. भारत की गुलज़ारों को सरसब्ज़ बनाती जाती हैं

खेतों को हरियाली देती फूल खिलाती जाती हैं

- हामिदुल्लाह अफ़सर

9. दिल की ज़मीं तक रौशनियां थीं, चेहरे थे, हरियाली थी

अब तो जहां भी साहिल पाना कश्ती को ठहरा देना

- इरफ़ान सिद्दीक़ी

10. हरियाली को आंखें तरसें बगिया लहूलुहान

प्यार के गीत सुनाऊं किस को शहर हुए वीरान

- हबीब जालिब

उम्मीद करते हैं कि हरियाली पर लिखे इन शेरों ने आपके मन को भी हरा किया होगा। इन शायरियों में ऐसा जादू है कि जितनी बार पढ़ें हर बार नया एहसास देती हैं। अगर आपको ये शेर पसंद आए हों तो आप इन्हें अपनों के साथ शेयर भी कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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