बादल फटना व बिजली गिरना अक्सर ऐसी घटनाओं के बारे में आपने सुना होगा। लेकिन क्या आफ जानते हैं कि बादल क्यों फटता है और बिजली क्यों गिरती है। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।
कहा जाता है कि यदि बादलों में पानी की मात्रा बहुत अधिक हो जाए और तेज हवाएं उन्हें आगे बढ़ने न दें, तो पूरा पानी एक ही जगह पर बेहद तेज गति से बरसने लगता है। इस स्थिति को आम भाषा में बादल फटना कहा जाता है।
बता दें बादलों में कई सारी पानी की बूंदें व बर्फ के छोटे छोटे कंण होते हैं, जब ये आपस में टकराते हैं तो टकराने के बाद ये पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज बादलों में बना देती है। निगेटिव चार्ज बादलों के नीचे रहते हैं और पॉजिटिव चार्ज बादलों के ऊपर रहते हैं।
जब पूरा बादल पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज से भर जाता है तो ऊसके बीच में से बिजली बनती है।
इस दौरान तेज विद्युत ऊर्जा चमक के रूप में निकलती है, जिसे हम बिजली चमकना कहते हैं। यदि यह ऊर्जा जमीन तक पहुंच जाती है, तो उसे बिजली गिरना कहा जाता है।
कहा जाता है कि बिजली हमेशा उस रास्ते को चुनती है जहां उसे जमीन तक पहुंचने में सबसे कम रुकावट मिले। इसलिए ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे, खुला मैदान या ऊंची इमारतें इसकी चपेट में अधिक आ सकती हैं।