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Goodbye 2025 Quotes, Wishes: नए साल से पहले की आखिरी शाम, समय है 2025 को अलविदा कहने का- देखें बीतते साल की विदाई संदेश, शायरी, कोट्स

Goodbye 2025 Quotes, Wishes, Shayari (नए साल से पहले की आखिरी शाम): नए साल (Happy New Year 2026) के स्वागत के साथ ही बीतते साल को याद करना भी जरूरी होता है। जाता हुआ साल अपने साथ ना जाने कितनी ही यादें, कितने ही जज्बात और कितने ही एहसास छोड़ जाता है। इन सबको बयां करने का जरिया बनती है शायरी। 2025 को बाय कैसे कहें, बीते साल की शायरी, अलविदा 2025 संदेश यहां देखें। जानें 2025 को अलविदा कहने के खास तरीके।

Goodbye 2025 Quotes, Wishes, Shayari (नए साल से पहले की आखिरी शाम): नया साल दस्तक देने को है। पुराना साल बीत रहा है। बीतते साल की ना जाने कितनी ही यादें आंखों के सामने घूम जाती हैं। लगता है कि अभी तो यह चीज हुई थी और अभी इसे बीते लगभग पूरा साल गुजर गया। बहुत से जज्बात बीतते साल की कशिश को और भी गहरा कर जाते हैं। इन जज्बातों को जुबान देने का बहुत बड़ा जरिया है शायरी भी है। शायरी से हम बहुत सी वो बातें कह पाते हैं जो कहने के लिए हमें शब्द नहीं मिलते। बीतते साल के एहसास को बयां करने के लिए बहुत से शायरों में खूबसूरत शेर लिखे हैं। यहां आप देख सकते हैं 2025 को अलविदा कैसे कहें, 2025 की बाय बाय शायरी आदि।

Good Bye 2025 Messages, Quotes in Hindi

1. आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर

जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे

- अहमद फ़राज़

नए साल से पहले की आखिरी शाम

2. इक अजनबी के हाथ में दे कर हमारा हाथ

लो साथ छोड़ने लगा आख़िर ये साल भी

- हफ़ीज़ मेरठी

नए साल से पहले की आखिरी शाम

3. इक साल गया इक साल नया है आने को

पर वक़्त का अब भी होश नहीं दीवाने को

- इब्न-ए-इंशा

नए साल से पहले की आखिरी शाम

4. न शब ओ रोज़ ही बदले हैं न हाल अच्छा है

किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है

- अहमद फ़राज़

नए साल से पहले की आखिरी शाम

5. न कोई रंज का लम्हा किसी के पास आए

ख़ुदा करे कि नया साल सब को रास आए

- अज्ञात

नए साल से पहले की आखिरी शाम

6. तू नया है तो दिखा सुब्ह नई शाम नई

वर्ना इन आँखों ने देखे हैं नए साल कई

- फ़ैज़ लुधियानवी

7. कुछ ख़ुशियाँ कुछ आँसू दे कर टाल गया

जीवन का इक और सुनहरा साल गया

- अज्ञात

नए साल से पहले की आखिरी शाम

8. फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग

राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी

- अज़ीज़ नबील

9. न कोई रंज का लम्हा किसी के पास आए

ख़ुदा करे कि नया साल सब को रास आए

- फ़रियाद आज़र

नए साल से पहले की आखिरी शाम

10. उम्र का एक और साल गया

वक़्त फिर हम पे ख़ाक डाल गया

- शकील जमाली

उम्मीद करते हैं बीतते साल पर लिखे ये बेहतरीन शेर आपको पसंद आए होंगे। आप चाहें तो नए साल की शुरुआत से पहले ये शेर अपनों को भेज अपने एहसास बयां कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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