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Navratri 2025 Wishes Images in Sanskrit: संस्कृत के इन श्लोक के साथ अपनों को दें नवरात्रि की शुभकामनाएं, देखें हैपी Navratri संस्कृत विशेज

Happy Navratri 2025 Wishes Images in Sanskrit (चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं संस्‍कृत में): 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि 2025 शुरू हो गए हैं। इस खास मौके पर लोग मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने के साथ साथ अपनों को शुभकामनाएं भी देते हैं। ऐसे में अगर आप संस्कृत में अपनों को नवरात्रि की बधाई देना चाहते हैं तो ये विशेज, कोट्स, मैसेज भेज सकते हैं। देखें नवरात्र‍ि बधाई संदेश इन संस्‍कृत।

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Happy Navratri 2025 Wishes Images, Quotes, Status in Sanskrit, चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभ कामनाएं: मां दुर्गा के भक्तों का सबसे बड़ा त्योहार नवरात्रि आ गया है। 30 मार्च से इसकी शुरुआत हो रही है। इसकी धूम बाजारों से लेकर हर चौक चौराहे पर देखने को मिल रही है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि के त्योहार में मां दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। साथ ही इस खास मौके पर अपनों को बधाईयां भी दी जाती है। ऐसे में अगर आर नवरात्रि के त्योहार की शुभकामनाएं तालाश रहे हैं तो यहां देखिए हैपी नवरात्रि कोट्स, मंत्र, विशेज, ग्रीटिंग्स संस्कृत में। मां दुर्गा के आगमन पर देखें नवरात्र बधाई संदेश इन संस्‍कृत।

संस्कृत में नवरात्रि की शुभकामनाएं: Navratri greetings in Sanskrit

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्रयम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते !!

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या देवी सर्वभूतेषु.. शक्तिरूपेण संस्थिता: नमस्तस्यै.. नमस्तस्यै.. नमस्तस्यै नमो नम:

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

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या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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या देवी सर्वभूतेषु भक्ति रूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वित:। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।।

महिषासुरनिर्नाशि भक्तानां सुखदे नमः। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

कलाकाष्ठादिरूपेण परिणामप्रदायिनि। विश्वस्योपरतौ शक्ते नारायणि नमोऽस्तु ते।।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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