Daughter's day 2023 date, theme, history: एक मीठी सी मुस्कान है बेटी, जिसके बिना अपने कल का स्वप्न देखना बेशक व्यर्थ है। दो परिवारों का जग रोशन करने वाली बेटियों के बारे में जो कुछ कहा जाए कम है। अवश्य ही उनके बिना कुछ नहीं, मगर ये बात जानते हुए भी सालों से देश और दुनिया भर के लोगों ने बेटियों के साथ खूब अन्याय किए हैं। जिसमें कोख में ही मार देने से लेकर पढ़ने लिखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने तक की इजाजत न मिलने जैसी बातें शामिल हैं।

Beti Diwas 2023
इसलिए भारत समेत दुनिया के कई देशों ने मिलकर बेटियों के हित के लिए और उनको समान अधिकार दिलवाने के लिए बेटी दिवस मनाए जाने की शुरुआत की थी। राष्टिय स्तर पर हर साल सितंबर के महीने में डॉटर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है। यहां देखें कब है डॉटर्स डे, डॉटर्स डे क्यों मनाते हैं और इसका इतिहास तथा महत्व क्या है।
बेटी दिवस कब है, When is Daughter's day Date 2023
हर साल भारत समेत दुनिया के कई देशों द्वारा बड़ी ही धूम धाम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेटी दिवस मनाया जाता है। बेटियों के हक के लिए आवाज उठाने तथा उन्हें अपने अधिकारों के बारे जागरुक करने के उद्देश्य ये दिन मनाया जाता है। हर साल सितंबर माह की 24 तारीख को भारत देश में डॉटर्स डे सेलिब्रेट करते हैं। और फिर 28 तारीख को बेटी दिवस को एक बार फिर जोरों शोरों से अंतर्राष्ट्रिय स्तर पर भी मनाया जाता है।
क्यों मनाते हैं बेटी दिवस, Why is Daughter's day celebrated
सालों से ही बेटियों को उनके हक के लिए आवाज उठाने से लेकर आगे बढ़कर पढ़ने-लिखने अपना जीवन अपने हिसाब से जीने तक जैसी स्थितियों में भी रुकावटों का सामना करना पड़ा है। अब ऐसे में कई लड़कियां ऐसी हैं, जिन्हें अपने अधिकारों के बारे में पता ही नहीं है, तो कई ऐसी हैं जिनके पास इन मुसीबतों से लड़ने का सहारा नहीं है। ऐसी ही परिस्थतियों से लड़ने के लिए वैश्विक और राष्ट्रिय स्तर पर बेटी दिवस आयोजित किया जाने लगा। जिसके जरिए देश और दुनिया भर की बेटियों को आवाज मिली तथा जनता को बेटियों के होने का महत्व पता चला। हर साल 24 सितंबर को ये दिन बड़े बड़े सम्मेलनों से लेकर जागरुकता अभियानों के साथ मनाया जाता है।
डॉटर्स डे का इतिहास क्या है, Daughter's day 2023 History
बेटी दिवस की शुरुआत भारत द्वारा साल 2007 में की गई थी। भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों में बेटों का औधा बेटियों के ज्यादा ऊपर माना गया है। भारत में भी इस तरह की कुरितीयां सालों से चली आ रही हैं, जिन्हें खत्म करने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस की संकल्पना बेटी पैदा करने के कलंक के खिलाफ लड़ने, बेटियों को एक दायित्व समझने और महिलाओं का सम्मान करने के लिए की गई थी। बालिकाओं का जश्न मनाने के लिए हर साल सितंबर के चौथे रविवार को अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस मनाया जाता है।
