भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) भारत सरकार की एक संस्था है फलों और सब्जियों सहित खाद्य सुरक्षा को नियंत्रित करता है। इसने हाल ही में एक बार फिर सब्जियों में की जाने वाली हानिकारक मिलावट की जांच करने का तरीका बताया है। दरअसल सेहत और स्वाद दोनों के लिए लिहाज से दुनिया भर में ताजा सब्जियों की काफी डिमांड रहती है। अधिकतर सब्जियों को ताजा दिखाने के लिए उनपर एक मेलेकाइट ग्रीन नाम का एक हानिकारक केमिकल छिड़का जाता है। आइए जानते हैं क्या होता है मेलेकाइट ग्रीन और कैसे करें इसकी पहचान।
क्या होता है मेलेकाइट ग्रीन
मेलेकाइट ग्रीन एक जहरीली डाई है जिसका इस्तेमाल सब्जियों को हरा दिखाने के लिए किया जाता है । इसे अक्सर पालक, मटर और मिर्च जैसी सब्जियों में मिलावट करके हरा दिखाने के लिए किया जाता है। मेलेकाइट ग्रीन से कैंसर होने का खतरा होता है, इसके अलावा ये यह लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है, सांस संबंधी दिक्कतें पैदा करता है और क्रोमोसोम्स को भी नुकसान पहुंचाता है।
कैसे करें सब्जियों में मेलेकाइट ग्रीन की पहचान
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सब्जियों में मैलाकाइट ग्रीन का पता लगाने के लिए एक आसान तरीका बताया है, जिससे आप सब्जियों में इस केमिकल के मिलावट की जांच कर सकते हैं। इसके लिए आपको थोड़ी सी रूई और लिक्विड पैराफिन की जरूरत होगी। किसी भी मेडिकल स्टोर में ये चीजें आसानी से मिल जाएंगी। हरी सब्जियों को जांचने के लिए रूई के फाहे को पैराफिन में डुबो कर सब्जियों पर टैप करें या धीरे से थपथपाएं। अगर रूई पर हरा रंग लग जाए तो इसका मतलब सब्जी में मेलेकाइट ग्रीन की मिलावट है।
