आज तेजी से बदलते समय में बच्चों की परवरिश करना एक बेहद मुश्किल काम होता जा रहा है। हमें रोज बच्चों के यह सिखाना पड़ता है कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत। इसके साथ ही बच्चों को अनुशासन में रहना सिखाना भी उतना ही जरूरी है। हालांकि अनुशासन सिखाते वक्त इस बात का विशेष ख्याल रखें कि बच्चों को डराना या धमकाना अनुशासन का पार्ट नहीं है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको 'सद्गुरु जग्गी वासुदेव के कुछ पेरेंटिंग टिप्स देने जा रहे हैं। जिन्हें यदि माता-पिता फॉलो करते हैं,तो उनके बच्चे को सफलता की सीढ़ियां चढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है।
1. प्यार भरा हो घर का माहौल
सद्गुरु के अनुसार, हमारे घर का माहौल सबसे ज्यादा हमारे ऊपर असर डालता है। इसलिए बच्चों की परवरिश कर रहे माता-पिता को चाहिए, कि वह अपने घर के माहौल को हमेशा प्यार भरा बनाकर रखें। वहीं खासकर जब बच्चा अपनी 12-18 साल की आयु के बीच हो, तो उसे घर में विशेष प्यार मिलना ही चाहिए।
2. शिक्षा का उद्देश्य समझे
आज हम सभी आर्थिक युग में जी रहे हैं, जिसमें हम अपने बच्चों को भी पैसा कमाने की एक मशीन बना देना चाहते हैं। लेकिन इस तरह की परवरिश के बारे में सद्गुरु कहते हैं, कि मात-पिता को पहले खुद शिक्षा का सही अर्थ समझना होगा। हमें शिक्षा का इस्तेमाल केवल अपनी जागरूकता को बढ़ाने के लिए करना है। जिसे शिक्षा हमें लगातार इंसानियत के शिखर की ओर ले जाए।
3. खुद बनें बच्चों के रोल मॉडल
यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे आपकी सारी बातें सुनें, तो आपको सद्गुरु की यह बात जरूर माननी चाहिए। जी हां सद्गुरु के अनुसार, आप अपने बच्चों के सामने ऐसी मिसाल पेश करें कि वह खुद आपकी तरह बनने का प्रयास करें। दरअसल छोटे बच्चे हमेशा देखकर सीखने का प्रयास करते हैं। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वह पहले खुद वैसा इंसान बनें जैसा वह अपने बच्चे को बनाना चाहते हैं।
4. प्रकृति के पास लेकर जाएं
सद्गुरु के अनुसार, बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप अपने बच्चों को प्रकृति के पास लेकर जाएं। आपके बच्चे जितना ज्यादा समय प्रकृति के बीच बिताएंगे वह उतना ही अधिक गलत आदतों से बचे रहेंगे। यदि माता-पिता एक बेहतर पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं, तो अपने बच्चों को समय-समय पर प्रकृति के पास लेकर जाते रहें।
