How To Make Ganpati With Clay (गणेश जी की मूर्ति कैसे बनाएं): गणेश चतुर्थी का त्योहार अपने साथ नई शुरुआत और उमंग लेकर आता है। इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त के दिन मनाई जाएगी, बप्पा के भक्त उनकी मूर्ति स्थापित कर इन दिनों में बहुत ही विधि विधान के साथ पूजा करते हैं। हर साल हालांकि मार्केट में कई सारी बप्पा की मूर्तियां मिलती हैं, लेकिन केमिकल युक्त मूर्तियां पर्यावरण के लिए हानिकारक होती हैं। इसलिए अगर इस साल आप ईको फ्रेंडली और प्रेम, श्रद्धा से बनी हुई मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं। तो अपने हाथों से बनी मिट्टी की सुंदर सी प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। देखें घर पर आसानी से मिट्टी के गणेश जी कैसे बनाते हैं, गणपति बप्पा मूर्ति।
गणपति बप्पा की मूर्ति बनाने के लिए क्या क्या चाहिए
- घर पर गणेश जी की प्रतिमा बनाने के लिए आपको सबसे पहले बाजार से पॉटरी क्ले या फिर साधारण मिट्टी लानी होगी।
- मूर्ति को आकार देने के लिए छोटा चाकू, पानी, स्प्रे बॉटल या आइस्क्रीम स्टिक की जरूरत पड़ सकती है।
- मूर्ति को रंग देने के लिए नेचुरल रंग जैसे हल्दी, चंदन पाउडर, बेसन या मुल्तानी मिट्टी का उपयोग हो सकता है।
- सजावट के लिए आपको लाल सूती कपड़ की, फूल, रंगोली के रंग तो छोटी चूड़ियों की जरूरत हो सकती है।
मिट्टी के गणपति की मूर्ति कैसे बनाते हैं
- गणपति बप्पा की मूर्ति बनाने के लिए आपको सबसे पहले मिट्टी को अच्छे से पहले गूंथ लेना है। ताकि वो नरम और लचीली हो जाए, बीच बीच में अगर आपकी मिट्टी थोड़ी कड़क हो रही है, या सूख रही है उसपर हल्का हल्का स्प्रे बॉटल से पानी का छिड़काव करते रहे।
- फिर आपको सबसे पहले मिट्टी के बड़े हिस्से से गणेश जी का शरीर या धड़ बनाना है और सिर गोल आकार से बनाएं। फिर एक छोटी सी सूंड बनाकर चेहरे से जोड़ दें, साथ ही साथ आपको गणेश जी के हाथ और पैर भी ऐसे बनाने होंगे।
- मिट्टी के दो छोटे और पतले टुकड़ों से कान बनाएं और साथ ही गोल वाली मिट्टी को हल्का लंबा कर चेहरे का आकार दें।
- हाथ बनाने के लिए आपको दो टुकड़ों को धड़ से जोड़ना होगा, एक हाथ में आप मोदक भी रख सकते हैं। छोटे छोटे दो टुकड़ों से आप गणेश जी के दांत बना दें।
- आप गणेश जी को पगड़ी भी पहना सकते हैं।
- फिर आपको मूर्ति को आइसक्रीम स्टिक की मदद से आंखें और हस्त रेखाएं बनानी है।
और बस सुंदर सी सिंपल और आसान मूर्ति तैयार है, इसे आपको करीब एक दिन सूखने देना है। एक बार मूर्ति सूख जाने के बाद, प्राकृतिक रंगों से उसे सजाएं। हल्दी के घोल से पीला रंग, चंदन से लाल रंग चढ़ाया जा सकता है। आखिर में प्राकृतिक फूलों और रंगोली से उनका सिंहासन सजाएं।
