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फंक्शन्स में तो खूब सजते संवरते हैं लोग, लेकिन इन सितारों ने सफेद बालों में ही कर ली शादी, जानिए क्या है ये ट्रेंड

Grey Hair Trend: किन्हीं कारणों से जवानी में ही बालों का सफेद हो जाना आम है, लेकिन इसे आज भी टैबू माना जाता है। ऐसे में कई लोग सफेद बाल छिपाते फिरते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से एक ट्रेंड देखा जा रहा है कि लोग अपने सफेद बालों को लेकर असहजता कम हो रही है, पिछले दिनों कुछ सेलेब्रिटीज में भी यह देखा गया। आइए जानते हैं इस ट्रेंड के बारे में।

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Dilip joshi daughter to priyanka chopra brother celebs proudly flaunt grey white hairs at their wedding

Grey Hair Trend: बुढ़ापा कमजोरी का वय होता है और इसके सबसे शुरूआती लक्षण बालों पर ही दिखते हैं। बालों में सफेदी की लकीरें दिखते ही लोगों में असहजता बढ़ने लगती है और इससे व्यापार चलता है, काले डाई प्रोड्क्ट्स का। बालों की सफेदी कोई दोष नहीं है लेकिन समाज अपने गढ़े हुए सुंदरता के मानकों में इसे दोष ही मानता है। एक जमाने में सुंदरता पर बहस करते हुए सुकरात ने उपयोगिता के आधार पर चीजों को सुंदर कहा था। इस लिहाज से बाल सबसे पहले सुंदरता की बहस से बाहर होंगे, क्योंकि बालों की उपयोगिता केवल आपको तथाकथित सामाजिक मानकों पर सुंदर दिखाने की है, रंग का तो सवाल ही नहीं उठता। अब पिछले कुछ समय से इस खिजाबी ढर्रे को किनारे लगाते हुए देखा जा सकता है और वो भी कुछ सेलेब्रिटी चेहरों द्वारा।

जहां छोटे मोटे फंक्शनों में लोग तैयार होने में कोई कसर नहीं छोड़ते वहीं पिछले दिनों कुछ जाने माने लोग अपनी शादियों में सफेद बालों में नजर आए। तारक मेहता का उल्टा चश्मा से देश भर में प्रसिद्ध दिलीप जोशी की बेटी नियति जोशी को अपनी शादी में सफेद बालों में देखा गया जिसपर खूब चर्चा हुई और अब इस लिस्ट में नाम जुड़ गया है एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के भाई का। हाल ही में हुई सिद्धार्थ चोपड़ा की शादी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा जब दूल्हे ने अपनी दाढ़ी ही नहीं काली कराई थी। लेकिन ये ऑथेंटिक लुक्स को रियल ब्यूटी स्टैंडर्ड बनने कब शुरू हुए।

क्या है ये ट्रेंड

सफेद बालों को न छुपाना कोई नया ट्रेंड नहीं है, लेकिन कोविड के समय में इस खास ट्रेंड में तेजी देखी गई। कुछ सेलेब्रेटीज ने इस चीज को खुलकर दिखाया जिससे इस ट्रेंड में तेजी आई। इसे ग्रे हेयर ट्रेंड या ग्रैनी हेयर ट्रेंड कहा जाता है। इसमें लोग अपने बालों को प्राकृतिक रूप से सफेद होने देते हैं या जानबूझकर अपने बालों को ग्रे रंग में रंगना पसंद करते हैं। कई बार ये अपनी उम्र को शालीनता से स्वीकार करने का एक तरीका होता है और कई बार एक स्टाइलिश लुक। ये कई बार सुंदरता मानकों को चुनौती देने के रूप में देखा जाता है, जो अक्सर सफेद बालों को बुढ़ापे से जोड़ते हैं जैसा कि नियति और सिद्धार्थ के मामले में दिखा।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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