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मानसून में बदलें शॉपिंग का तरीका, जानिए क्यों राशन की लिस्ट को अपडेट करना है जरूरी

Monsoon Grocery Update: बारिश के मौसम में समझदारी भरी खरीदारी न सिर्फ पैसे बचाती है, पूरे परिवार को फूड पॉइजनिंग और दूसरी मौसमी बीमारियों से भी बचाने में मदद करती है।

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मानसून में बदल लें अपनी ग्रॉसरी शॉपिंग लिस्ट (Photo: AI Generated Image)

Monsoon Grocery Update: बारिश का मौसम आते ही लोग छाते और रेनकोट का इंतजाम करने लगते हैं। एक बहुत जरूरी चीज पर तो उनका ध्यान जाता ही नही। हम जिस चीज की बाच कर रहे हैं वह है राशन खरीदने का तरीका।

मानसून में वही ग्रॉसरी लिस्ट काम नहीं करती, जो गर्मियों या सर्दियों में करती है। वजह है हवा में बढ़ी हुई नमी। यही नमी खाने-पीने की चीजों को जल्दी खराब कर देती है। ऐसे में अगर बिना सोचे-समझे ज्यादा सामान खरीद लिया जाए, तो खाने की बर्बादी के साथ फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ सकता है।

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसून में राशन खरीदना भी एक समझदारी भरा काम है। इस काम को हम आसान बना देते हैं। यहां जानें किन चीजों को कर लें स्टॉक और किन चीजों को जरूरत से ज्यादा ना खरीदें:

इन 5 चीजों का स्टॉक रखना फायदेमंद

1. दालें और साबुत अनाज

दालें, चना, राजमा और दूसरे साबुत अनाज लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। बस इन्हें एयरटाइट डिब्बों में रखें ताकि नमी और कीड़ों से बचाव हो सके।

2. साबुत मसाले

पिसे मसालों की तुलना में साबुत मसाले ज्यादा समय तक अपनी खुशबू और स्वाद बनाए रखते हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें पीसकर इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।

3. ड्राई फ्रूट्स

बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज पौष्टिक स्नैक हैं। हालांकि इन्हें भी एयरटाइट कंटेनर में रखें या फ्रिज में स्टोर करें ताकि नमी का असर न हो।

4. ओट्स और दूसरे सूखे नाश्ते

ओट्स, पोहा और दलिया जैसी चीजें जल्दी खराब नहीं होतीं। बारिश के दिनों में ये हल्के और जल्दी बनने वाले भोजन का अच्छा विकल्प हैं।

5. अदरक, लहसुन और हल्दी

ये सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाते, बल्कि पारंपरिक तौर पर इन्हें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले मसालों के रूप में भी देखा जाता है। इसलिए इन्हें घर में रखना उपयोगी हो सकता है।

इन 5 चीजों को ज्यादा मात्रा में न खरीदें

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और दूसरी पत्तेदार सब्जियां मानसून में जल्दी खराब होती हैं। इनमें मिट्टी और बैक्टीरिया होने की संभावना भी अधिक रहती है। इसलिए इन्हें जरूरत के हिसाब से ही खरीदें।

2. ब्रेड और बेकरी प्रोडक्ट

बारिश के मौसम में ब्रेड, बन और केक पर फफूंद जल्दी लग सकती है। इन्हें लंबे समय के लिए स्टोर करना ठीक नहीं है।

3. दूध और डेयरी उत्पाद

दूध, पनीर और दही जैसी चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं। इन्हें कम मात्रा में खरीदना और समय पर इस्तेमाल करना बेहतर है।

4. मछली और सी-फूड

अगर इन्हें तुरंत पकाने का इरादा नहीं है, तो ज्यादा मात्रा में खरीदने से बचें। नमी और तापमान में बदलाव से इनके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

5. कटे हुए फल और पैक्ड सलाद

पहले से कटे हुए फल और पैक्ड सलाद मानसून में संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकते हैं। बेहतर है कि ताजे फल खरीदें और खाने से ठीक पहले काटें।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में खाने की सुरक्षा सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने क्या खरीदा है। यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आपने उसे कैसे स्टोर किया है। एयरटाइट डिब्बों का इस्तेमाल करें। सूखी जगह पर सामान रखें। फ्रिज की नियमित सफाई करें और सबसे जरूरी बात- जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने की आदत छोड़ दें।

बारिश के मौसम में समझदारी भरी खरीदारी न सिर्फ पैसे बचाती है, पूरे परिवार को फूड पॉइजनिंग और दूसरी मौसमी बीमारियों से भी बचाने में मदद करती है। यही वजह है कि मानसून में ग्रॉसरी लिस्ट भी मौसम के हिसाब से बदल जानी चाहिए।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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