Father Shayari 2 line, Papa Shayari: पिता उस बरगद की तरह होते हैं, जिसकी छांव का एहसास अकसर तब होता है, जब हम जीवन की धूप में अकेले खड़े होते हैं। वे शायद मां की तरह अपने प्यार का इजहार नहीं करते, लेकिन उनकी हर चिंता, हर डांट और हर छोटी-सी सलाह में बच्चों के लिए अनगिनत दुआएं छिपी होती हैं। अपने सपनों को पीछे छोड़कर वे बच्चों के सपनों को उड़ान देने में पूरी जिंदगी लगा देते हैं। वे अपनी परेशानियों को मुस्कान के पीछे छिपा लेते हैं, ताकि घर के चेहरे पर उदासी न आए।
ऐसे पिताओं पर बहुत से शायरों ने कई खूबसूरत शेर गढ़े हैं। यहां हम ऐसे ही 21 चुनिंदा शेर लाए हैं जो पिता के प्रेम, त्याग और समर्पण के हर भाव को कुरेदकर सामने रख देते हैं:
Miss you papa shayari in Hindi (पिता पर शायरी 2 लाइन)
1. वो वक़्त और थे कि बुज़ुर्गों की क़द्र थी
अब एक बूढ़ा बाप भरे घर पे बार है
- मुईन शादाब
2. इन का उठना नहीं है हश्र से कम
घर की दीवार बाप का साया
- अज्ञात
3. हड्डियां बाप की गूदे से हुई हैं ख़ाली
कम से कम अब तो ये बेटे भी कमाने लग जाएँ
- रऊफ़ ख़ैर
4. मैं ने हाथों से बुझाई है दहकती हुई आग
अपने बच्चे के खिलौने को बचाने के लिए
- शकील जमाली
5. सुबह सवेरे नंगे पांव घास पे चलना ऐसा है
जैसे बाप का पहला बोसा क़ुर्बत जैसे माओं की
- हम्माद नियाज़ी
6. मैं अपने बाप के सीने से फूल चुनता हूं
सो जब भी सांस थमी बाग़ में टहल आया
- हम्माद नियाज़ी
7. मुझ को थकने नहीं देता ये ज़रूरत का पहाड़
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते
- मेराज फ़ैज़ाबादी
8. अज़ीज़-तर मुझे रखता है वो रग-ए-जाँ से
ये बात सच है मिरा बाप कम नहीं माँ से
- ताहिर शहीर
9. उन के होने से बख़्त होते हैं
बाप घर के दरख़्त होते हैं
- अज्ञात
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: पिता पर ओम व्यास की मशहूर कविता
10. बेटियां बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं
और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं
- इफ़्तिख़ार आरिफ़
11. हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब
पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने
- मेराज फ़ैज़ाबादी
12. ये सोच के मां बाप की ख़िदमत में लगा हूं
इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा
- मुनव्वर राना
13. मुझ को छांव में रखा और ख़ुद भी वो जलता रहा
मैं ने देखा इक फ़रिश्ता बाप की परछाईं में
- अज्ञात
14. घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूंगा
ग़म छुपा कर मिरे मां बाप कहां रखते थे
- साजिद जावेद साजिद
15. मुद्दत के बाद ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ से इतना कहा ख़ुश रहा करो
- अब्बास ताबिश
16. बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊंचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़िगन रहती है
- सरफ़राज़ नवाज़
17. देर से आने पर वो ख़फ़ा था आख़िर मान गया
आज मैं अपने बाप से मिलने क़ब्रिस्तान गया
- अफ़ज़ल ख़ान
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: पिता से कभी नहा कहें ये बातें, टूट जाते हैं वो
18. बच्चे मेरी उंगली थामे धीरे धीरे चलते थे
फिर वो आगे दौड़ गए मैं तन्हा पीछे छूट गया
- ख़ालिद महमूद
19. जब भी वालिद की जफ़ा याद आई
अपने दादा की ख़ता याद आई
- मोहम्मद यूसुफ़ पापा
20. वो पेड़ जिस की छांव में कटी थी उम्र गांव में
मैं चूम चूम थक गया मगर ये दिल भरा नहीं
- हम्माद नियाज़ी
21. मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप
वो जिस जगह पहुँच के मरा था वहीं हूँ मैं
- रईस फ़रोग़
