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'दिल की बर्बादियों पे नाज़ां हूं, फतह पा कर शिकस्त खाई है..', फतह का सही मतलब समझाते हैं मशहूर शायरों के ये शेर

Victory Shayari: फतह का मतलब सिर्फ मंजिल तक पहुंचना नहीं बल्कि उस रास्ते पर डटे रहना भी है जहां कांटे हों, अंधेरे हों, लेकिन दिल में रौशनी बाकी हो। इसी फतह पर कई शायरों ने बेहद कमाल के शेर लिखे हैं।

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फतह पर शायरी (Photo: Pexels)

फतह पर शायरी(Fateh Shayari In Hindi): हर इंसान में जिंदगी में कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा होता है। उसकी ये जंग कभी हालात से, कभी कभी किसी रिश्ते से तो कभी खुद से भी होती है। और जब इन जंगों में हम खुद को संभाल लेते हैं, हार मानने की जगह एक कदम और बढ़ाते हैं तो वहीं से शुरू होती है फतह की कहानी। फतह का मतलब सिर्फ मंजिल तक पहुंचना नहीं बल्कि उस रास्ते पर डटे रहना भी है जहां कांटे हों, अंधेरे हों, लेकिन दिल में रौशनी बाकी हो। इसी फतह पर कई शायरों ने बेहद कमाल के शेर लिखे हैं। यहां देखें फतह पर शायरी हिंदी में:

1. शिकस्त ओ फ़तह मियां इत्तिफ़ाक़ है लेकिन

मुक़ाबला तो दिल-ए-ना-तवां ने ख़ूब किया

- नवाब मोहम्मद यार ख़ां अमीर

2. दिल की बर्बादियों पे नाज़ां हूं

फ़तह पा कर शिकस्त खाई है

- शकील बदायूनी

3. ज़मीर ओ ज़ेहन में इक सर्द जंग जारी है

किसे शिकस्त दूं और किस पे फ़तह पाऊं मैं

- कबीर अजमल

4. हमारी फतह के अंदाज़ दुनिया से निराले हैं

कि परचम की जगह नेज़े पे अपना सर निकलता है

- फ़सीह अकमल

5. वो इस कमाल से खेला था इश्क़ की बाज़ी

मैं अपनी फ़तह समझता था मात होने तक

- ताजदार आदिल

6. कब उस की फतह की ख़्वाहिश को जीत सकती थी

मैं वो फ़रीक़ हूं जिस को कि हार जाना था

- फ़ातिमा हसन

7.जीतने मारका-ए-दिल वो लगातार गया

जिस घड़ी फ़त्ह का ऐलान हुआ हार गया

- अब्दुल अहद साज़

8. मक़ाम जिन का मुअर्रिख़ के हाफ़िज़े में नहीं

शिकस्त ओ फ़तह के मा-बैन मरहले हम लोग

- ख़ुर्शीद रिज़वी

9. अहल-ए-ख़िरद इसे न समझ पाएंगे 'फ़क़ीह'

कुछ मसअले हैं मावरा फ़तह ओ शिकस्त से

- अहमद फ़क़ीह

10. फ़तह के जश्न में हैं सब सरशार

मैं तो अपनी ही मात में गुम हूं

- ख़लील मामून

11. नदीम तारीख़-ए-फ़तह-ए-दानिश बस इतना लिख कर तमाम कर दे

कि शातिरान-ए-जहां ने आख़िर ख़ुद अपनी चालों से मात खाई

- फ़ारूक़ बांसपारी

12. तिरी निगह से गए खुल किवाड़ छाती के

हिसार-ए-क़ल्ब की गोया थी फ़तह तेरे नाम

- शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

ये खूबसूरत शेर फतह के सह मतलब को बयां करते हैं। अगर आपको लगे ये शेर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं तो आप उन्हें ये भेज सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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