Chef Kunal Kapoor Divorce: मशहूर सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर का उनकी पत्नी एकता के साथ तलाक हो गया है। साल 2008 में शादी के 16 साल बाद कुणाल एकता से अलग हुए हैं। हालांकि दोनों के बीच मनमुटाव कई सालों से था। कुणाल को उनकी पत्नी से तलाक क्रूरता के आधार पर मिला है।दिल्ली हाई कोर्ट ने कुणाल के पक्ष में फैसला सुनाया है। इससे पहले कुणाल ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी। वहां उनकी अर्जी खारिज हो गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने क्रूरता के आधार पर कुणाल को उनकी पत्नी से तलाक की मंजूरी दी।
कुणाल कपूर ने क्या लगाए थे आरोप?
कुणाल कपूर ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाए थे कि उनकी पत्नी ने कभी भी उनके माता-पिता का सम्मान नहीं किया। बकौल कुणाल एकता उनपर किसी के भी सामने चिल्ला पड़ती थीं और उन्हें अपमानित करती थीं। कुणाल ने कहा कि वह अपने बेटे की शिक्षा का सारा खर्च उठाते हैं लेकिन एकता उन्हें उनके बेटे से मिलने भी नहीं देती थीं। कुणाल ने ये भी कहा था कि कई बार मना करने के बाद भी बेटे के सामने जोर-जोर से चिल्लाकर लड़ाई करती थीं उनकी पत्नी।
Source: Kunal Kapoor fb
कुणाल की पत्नी की दलील
मैंने परिवार और पति की मदद के लिए मैंने अपने करियर से समझौता किया, लेकिन ससुराल वाले नौकरी करने के लिए ताने मारते थे। बकौल एकता ससुराल में उन्हें छोटे-छोटे कारणों से बार-बार अपमानित किया जाता था। एकता का कहना था कि ससुराल वाले ऐसा इसलिए करते थे, क्योंकि मैं एक आदर्श बहू की उनकी रूढ़िवादी परिभाषा में फिट नहीं बैठती हूं।कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने अपने फैसले में कहा कि कुणाल कपूर की पत्नी का उनके प्रति आचरण गरिमा और सहानुभूति से रहित था।यह कानून की स्थापित स्थिति है कि पति या पत्नी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से लापरवाह, अपमानजनक और निराधार आरोप लगाना क्रूरता के बराबर है। जब भी दो में से एक पार्टनर का ऐसा व्यवहार होता है, तो इसका फर्क उनके रिश्तों पर पड़ता है। ऐसे में उन्हें साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसे शादीशुदा जिंदगी में क्रूरता मानते हुए कोर्ट ने तलाक पर मुहर लगा दी।शादीशुदा जिंदगी में क्रूरता
पहले तलाक सिर्फ जुडिशल सेपरेशन का आधार था। बाद में 1976 के संशोधन में क्रूरता को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1) के तहत डाइवोर्स का आधार माना गया। अगर कोर्ट की कार्यवाही में क्रूरता साबित होती है तो तलाक को मंजूरी दे दी जाएगी। भारत में होने वाले तलाक के मामलों में ज्यादातर क्रूरता को आधार बनाया जाता है। तलाक मामलों में सक्रिय वकील वंदना शाह का कहना है कि, 'क्रूरता की कोई परिभाषा देना काफी कठिन है। कानूनी तौर पर क्रूरता का पैमाना और इसकी परिभाषा हर केस में अलग-अलग होती है। यह किसी शादी की किसी ख़ास अवस्था और सामाजिक-आर्थिक हालात पर भी निर्भर करता है।'इलाहाबाद हाई कोर्ट में अधिवक्ता मेराज खान बताते हैं कि, 'क्रूरता दो तरह की होती है। एक शारीरिक क्रूरता और दूसरी मानसिक क्ररता। शारीरिक क्रूरता को नापा और आंका जा सकता है। शरीर पर पड़े चोट के निशान शारीरिक क्रूरता की गवाही देते हैं। दूसरी तरफ मानसिक क्रूरता को पहचान पाना काफी मुश्किल है। इसी कारण तलाक के मामलों में मानसिक क्रूरता को आधार बनाना आम हो गया है। '
वंदना शाह कहती हैं कि क्रूरता का कोई तय पैमाना नहीं है। यह नई शक्ल में आता रहता है। असल में ये क़ानून भी बदलते दौर के साथ सामने आए हैं। साइकोथेरेपिस्ट और कपल काउंसलर प्रियंका कपूर कहती हैं कि, 'मानसिक क्रूरता ना सिर्फ पार्टनर द्वारा अनादर करना नहीं हैं। अपने पार्टनर का मानसिक और भावनात्मक शोषण करना भी मानसिक क्रूरता कहलाता है। जब आप अपने पार्टनर के चरित्र, आत्म-सम्मान, स्वाभिमान और गरिमा पर हमला भी मानसिक क्रूरता है।'
कोर्ट की नजर में क्या है क्रूरता
सेक्शन 13(1)(ia) के तहत कानूनी रूप से क्रूरता के दायरे को बताया गया है:1.अगर कुछ ऐसा हुआ है जिसके बाद पति-पत्नी का एक साथ रहना असंभव है।
2.अगर एक पार्टनर द्वारा दूसरे पार्टनर पर अडल्ट्री या व्यभिचार या अवैध संबंध बनाने क झूठा आरोप लगाया गया है तो वह भी मानसिक क्रूरता है।
3.अगर पति अपनी पत्नी से कहता है कि वह उसके साथ नहीं रहेगा पर वह ससुराल के अन्य लोगों के साथ रह सकती है तो यह भी मानसिक क्रूरता है।
4.अगर एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को समाज के सामने प्रताड़ित करता है या उसका अपमान करता है तो यह भी मानसिक प्रताड़ना का ही एक रूप है।
5.अगर एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को शारीरिक रूप से मारता-पीटता है।
6.अगर एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को पागल या मानसिक रूप से बीमार घोषित करे और कहे कि मेरे पति या पत्नी को मनोवैज्ञानिक उपचार की जरूरत है।
7.अगर मानसिक क्रूरता में गंदी और अपमानजनक भाषा का उपयोग किया जाये। जैसे की गालियां देना और अपमान करना। जिससे दूसरे पार्टनर की मानसिक शांति ख़त्म होती है।
हर एक आचरण या बिहेवियर जो आपके जीवनसाथी को नाराज कर सकता है वह कानून की नजर में क्रूरता नहीं होती है। कपल्स के बीच होने वाले मामूली झगड़े, जो सामान्य तौर पर वैवाहिक जीवन में होते रहते हैं, उनको क्रूरता की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।
क्रूरता के आधार पर कई चर्चित सेलेब्स के हुए तलाक
समाज में यह आम है कि जब भी शादीशुदा जिंदगी में दुर्व्यवहार या अनादर की बात आती है तो मर्दों की गलती मानी जाती है। हालांकि ऐसा नहीं है। इस धारणा को आम राय नहीं बनानी चाहिए। कई मामले ऐसे सामने आए हैं जो इस धारणा को गलत साबित करते हैं। ऐसे मामलों की कोई कमी नहीं है जहां गलती महिला की ही होती है और कभी-कभी अपने जीवनसाथी के प्रति उनका अपमानजनक या विषाक्त व्यवहार भी उनके रिश्ते के टूटने का कारण बना है। शेफ कुणाल कपूर का मामला इसकी ताजा मिसाल है। कुणाल से पहले भी कई चर्चित हस्तियों ने अपनी पत्नी की क्रूरता को आधार बनाकर तलाक लिया है।
Source: Shikhar Dhawan fb
शिखर धवन
टीम इंडिया के क्रिकेटर शिखर धवन का उनकी पत्नी आयशा संग साल 2023 में तलाक हो गया था। दोनों 10 साल तक शादीशुदा जिंदगी में रहे थे। शिखर धवन ने दिल्ली कोर्ट में पत्नी द्वारा मानसिक क्रूरता का आरोप लगाकर तलाक मांगा था। शिखर धवन ने कहा था कि उनकी पत्नी उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं देती हैं और जबरन दूर जाकर रह रही हैं। आयशा की तरफ से बचाव में कोई दलील नहीं दी गई। कोर्ट ने धवन के हक में फैसला सुनाया था।

Source: Social Media
जॉनी डेप
मशहूर हॉलीवुड सुपरस्टार जॉनी डेप का तलाक भी मानसिक और शारीरिक क्रूरता के आधार पर हुआ था। उनकी पूर्व पत्नी एंबर हर्ड ने उनपर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जवाबी कार्रवाई करते हुए डेप ने भी कोर्ट में मामला दायर कर दिया और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। कोर्ट ने डेप के हक में फैसला सुनाया। बाद में जॉनी डेप ने एंबर हर्ड पर मानसिक क्रूरता का आरोप लगाते हुए केस डाल दिया। कोर्ट ने हर्ड पर 1 मिलियन डॉलर बतौर मानहानि देने का फैसला सुनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डेप ने ये रकम 5 अलग-अलग चैरिटी को दान कर दी थी।

Source: Social Media
सैफ अली खान
साल 2004 में सैफ अली खान और अमृता सिंह ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया था। 13 साल की शादी खत्म होने के बाद सैफ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह शादी में रहते हुए मानसिक क्रूरता के शिकार हुए। बकौल सैफ उन्हें शादीशुदा जिंदगी में रहते हुए अपनी पत्नी से कई बार अपमानित और प्रताड़ित होना पड़ा।
