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जब पार्टनर बन जाए 'पेंडुलम', प्यार में धोखे का नया ट्रेंड है Banksying, टूट कर बिखर रहे रिश्ते

What is Banksying in Relationship: बैंक्सींग करने वाला पार्टनर रिलेशनशिप में अपना भविष्य नहीं देखता। अपने पार्टनर को वह यह सब बताता भी नहीं है, क्योंकि वह अभी रिश्ता पूरी तरह छोड़ने को तैयार नहीं होता। यह बैक्सींग के शिकार पार्टनर को बुरी तरह से तोड़ देता है। ठीक उसी तरह से जैसे फिल्म सैयारा की वाणी टूट जाती है।

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क्या है बैंक्सींग? बैंक्सींग के संकेत क्या होते हैं?

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म सैयारा काफी चर्चा में है। युवाओं पर इसका जादू साफ देखने को मिल रहा है। फिल्म की लीड एक्ट्रेस हैं अनीत पड्डा, जिन्होंने वाणी नाम की लड़की का किरदार निभाया है। फिल्म शुरू होती है वाणी को मिले धोखे से। दरअसल वह कोर्ट में शादी के लिए अपने प्रेमी महेश का इंतजार करती रहती है लेकिन वो वादा करके भी नहीं आता है। वाणी जब उसे फोन लगाती है तो पता चलता है कि महेश उसके साथ कभी भी शादी नहीं करना चाहता था। उससे ब्रेकअप करना चाहता था लेकिन बोल नहीं पा रहा था। यहां वाणी को महेश से जो धोखा मिला उसे आज की जेनरेशन बैंक्सींग (Banksying) कहती है। रिलेशनशिप में बैंक्सींग एक ऐसा जहरीला ट्रेंड है जिसमें एक पार्टनर अपने साथी के साथ धीरे-धीरे भावनात्मक रूप से रिश्ते से हट जाता है। वह साथ दिखता है लेकिन होता नहीं है।

क्या है बैंक्सींग (What is Banksying in Relationship)

रिलेशनशिप की दुनिया में कई बार ऐसा होता है कि रिश्ता खत्म नहीं होता, मगर चलता भी नहीं। लोग साथ दिखते हैं, पर होते नहीं है। कुछ समय के बाद साथ दिखना भी बंद कर देते हैं। यह वह परिस्थिति होती है जब कोई लगातार हमसे जुड़ा रहे, हमारी तारीफें करे, हौसला दे, लेकिन जब बात रिश्ता आगे बढ़ाने की हो तो पीछे हट जाए। इसी माइक्रो-मैनिपुलेटिव बिहेवियर को बेंक्सींग कहा जा रहा है।

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बिना रिश्ता तोड़े, रिश्ता तोड़ देना ही है बेंक्सींग

बैंक्सींग शब्द ब्रिटिश ग्रैफिटी आर्टिस्ट बैंक्सी (Banksy) से जुड़ा माना जाता है। दरअसल इंग्लैंड में बैंक्सी नाम का एक छद्म कलाकार था। वह पेंटिंग बनाता और अचानक गायब हो जाता। ठीक इसी तरह कई बार रिश्ते में लोग बिना बताए धीरे-धीरे अपने पार्टनर से इमोशनली दूरी बनाने लगते हैं। बिना किसी स्पष्ट वजह के दूर हो जाते हैं, लेकिन फिर कभी-कभार सरप्राइज मैसेज भेजकर या इमोशनल बातें कहकर वापस आ जाते हैं। यह एक तरह का इमोशनल हॉट-एंड-कोल्ड गेम है जिसमें सामने वाला व्यक्ति आपको छोड़ता नहीं लेकिन पूरी तरह स्वीकार भी नहीं करता। कई बार लोग बैंक्सींग को घोस्टिंग की तरह ही समझते हैं। लेकिन दोनों में बड़ा अंतर होता है।

घोस्टिंग से कितना अलग है बैंक्सींग

घोस्टिंग रिलेशनशिप में उस स्थिति को कहते हैं जब कोई किसी के साथ थोड़े समय से रिलेशनशिप में हो और फिर एक दिन अचानक से उसकी जिंदगी से गायब हो जाए। घोस्टिंग करने वाला शख्स जो एक शाम पहले तक आपके साथ रिश्ते में था, अगल दिन से अचानक से आपकी दुनिया से गायब हो जाए। वह किसी भी तरह का कोई संपर्क नहीं रखता। बैंक्सींग इससे अलग है।

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घोस्टिंग से अलग धीमे जहर सी है बैंक्सींग

बैंक्सींग में आपका पार्टनर अचानक से आपकी जिंदगी से गायब नहीं होता। वह धीरे-धीरे आपसे कटता है। पहले आपसे शारीरिक रूप से दूर होगा फिर भावनात्मक रूप से भी आपसे कटने लगेगा। साथ रहकर भी साथ नजर नहीं आएगा। ऐसे करते-करते वो आपकी जिंदगी से दूर आसमान में उड़ते हवाई जहाज की तरह ओझल हो जाएगा।

लोग क्यों करते हैं बैंक्सींग

वैसे तो किसी भी रिश्ते में किसी को धोखे में रखना या फिर धोखा देना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। फिर भी यह समझना तो पड़ेगा ही कि आखिर सामने वाले ने रिश्तो खत्म करने का फैसला क्यों लिया। आइए समझते हैं कि लोग किन कारणों से बैंक्सींग करते हैं:

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(फोटो सोर्स - iStock)

  • लोग रिश्तों में बैंक्सींग कई कारणों से करते हैं। इनमें डर सबसे आम है। कुछ लोग साफ-साफ बात करने से डरते हैं। वो डरते हैं कि ब्रेकअप की बात करेंगे तो लड़ाई होगी। लड़ाई के डर से वह चुपचाप दूर होने लगते हैं।
  • बेंक्सींग करने वाले अक्सर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने किसी को पूरी तरह स्वीकार किया तो वो खुद कमजोर पड़ जाएंगे। ऐसे लोग खुद से ही कटा हुआ महसूस करते हैं और दूसरों से जुड़ना तो चाहते हैं, मगर डरते हैं। यह भी संभव आपका जो पार्टनर है वह पुराने किसी रिश्ते में भावनात्मक तौर पर बुरी तरह से टूटा हो। उसके उस इमोशनल ब्रेकडाउन ने उसे अवॉइडेंट अटैचमेंट का शिकार बना दिया हो।
  • हालांकि कुछ लोगों की फितरत ही धोखा देने की होती है। ऐसे लोग गलत तो करते हैं लेकिन गलत दिखना नहीं चाहते। ये लोग चाहते हैं कि कोई भी चीज खराब हो तो उसमें उनका नाम ना आए, भले ही वह उसका ब्रेकअप ही क्यों ना हो।

बैंक्सींग करने वाला पार्टनर रिलेशनशिप में अपना भविष्य नहीं देखता। अपने पार्टनर को वह यह सब बताता भी नहीं है, क्योंकि वह अभी रिश्ता पूरी तरह छोड़ने को तैयार नहीं होता। यह बैक्सींग के शिकार पार्टनर को बुरी तरह से तोड़ देता है। ठीक उसी तरह से जैसे फिल्म सैयारा की वाणी टूट जाती है।

बैंक्सींग के संकेत (Signs of Banksying)

अगर किसी रिलेशनशिप में टूटने से बचना है तो सबसे पहले बैंक्सींग के संकेतों को पहचानना होगा। पार्टनर की हरकतों से आप पता लगा सकते हैं कि वह आपके साथ खुश नहीं है। वह कभी भी अपने स्वार्थ के लिए आपको जीवनभर का दुख देकर आपकी जिंदगी से गायब हो सकता है। अगर आप बैक्सींग के संकेतों को समय रहते पहचान लें तो रिश्ते को बचाने या खुद को भावनात्मक नुकसान से बचा सकते हैं:

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इशारों को समझने में ही भलाई

1. भावनात्मक दूरी बढ़ना: आपका पार्टनर पहले की तरह खुलकर अपनी भावनाएं शेयर नहीं करेगा। बातचीत सतही हो जाती है और इमोशनल कनेक्ट की कमी महसूस होने लगती है।

2.बात करने से भागना: जब आपके फोन कॉल्स या मैसेज का जवाब देर से मिलने लगे, या फिर आपकी किसी बात पर बहुत ठंडा जवाब मिले या तो पहले की तरह लंबी बातचीत या उत्साह गायब होने लगे तो बैंक्सींग की स्थित बन रही है।

3. बात-बात पर तकरार: बैंक्सींग करने वाला पार्टनर छोटी-छोटी बातों पर बहस शुरू कर देता है। वह आपको दोषी ठहराता है ताकि रिश्ता आपकी तरफ से खत्म हो।

4. फ्यूचर प्लानिंग से बचना: अगर आपका पार्टनर फ्यूचर प्लानिंग की बात आते ही असहज होने लगे तो उसे भी बैंक्सींग के संकेत की तरह देख सकते हैं।

5. खुद को पीड़ित दिखाना: अगर पार्टनर हर बात पर ये दिखाने लग जाए कि ह आपके साथ रिश्ते में रहकर कितना दुख उठा रहा है या फिर कई तरह की परेशानी झेल रहा है तो समझ जाइए कि उसके मन में कुछ और चल रहा है।

बैंक्सींग से कैसे बचें?

बैंक्सींग से बचना है तो सबसे पहले आपको उन संकेतों को पहचानना होगा जो बैक्सींग की तरफ इशारा करते हैं। संकेतों को पहचानने के बाद आपको तय करना है कि आप इस स्थिति से कैसे निपटते हैं। हर किसी का अपना तरीका होता है लेकिन फिर भी हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं जो आपको बैक्सींग से बचाने में मदद कर सकता है:

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मुश्किल नहीं है बैंक्सींग की मुसीबत को दूर रखना

1. पार्टनर से बात करें: आप अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। उन्हें बताएं कि आप रिश्ते में उनकी तरफ से दूरी महसूस कर रही हैं। उनसे साफ पूछें कि अगर कहीं कुछ दिक्कत हो तो हम बात कर सकते हैं। उससे ये भी जरूर पूछें कि अगर वह रिश्ते में नहीं रहना चाहता तो वह भी बता दे।

2. बर्दाश्त करने की सीमा तय करें: आप बार-बार वादा करके तोड़ने पर भी शांत रहते हैं तो अपना स्वभाव बदलिये। पार्टनर से खुलकर बोलें कि हर बार इस तरह से नहीं चलेगा। उससे साफ बोलें कि अगर साथ में नहीं रहना है तो नतीजे पर पहुंचे, अटका कर ना रखे।

3. आत्म सम्मान से समझौता ना करें: आपको अगर संकेत मिल रहे हैं कि आपका पार्टनर आपसे इमोशनली तौर पर दूर हो रहा है और बावजूद इसके आप उससे बात नहीं करते हैं तो ये अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता कहलाएगा। ऐसा बिल्कुल ना करें। अपने सम्मान को सबसे ऊपर रखें।

4. थेरेपिस्ट्स की मदद लें: रिश्तों में कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं जहां से कोई भा गलत नजर नहीं आता। गलती सिर्फ परिस्थितियों की होती है। ऐसे में किसी एक्सपर्ट की राय लेना आपको बैंक्सींग ले भी बचाएगा और रिश्ते को टूटने से भी।

अगर बैंक्सींग के शिकार हो गए हैं तो क्या करें

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रिश्ते में सामने वाले पर अंधा विश्वास आपको बैंक्सींग की कगार पर लाकर खड़ा कर देता है। जब आप बैंक्सींग के शिकार होते हैं तो आपको अपनी पूरी दुनिया उजड़ी महसूस होती है। आपका कॉन्फिडेंस टूट जाता है। ऐसे में जरूरी ये जानना भी है कि अगर आप बैंक्सींग के शिकार हो गए हैं तो उससे कैसे उबरें:

1. सिचुएशन को स्वीकारें: किसी भी बीमारी का इलाज तभी मुमकिन है जब हम मानें कि हमें ये बीमारी है। इसी तरह से हमें यह मानना होगा कि हम बैंक्सींग के शिकार हुए हैं। खुद को दोष देने से काम नहीं चलेगा।

2. लोगों से बात करें:- आप अकेले ये बैंक्सींग का दर्द नहीं झेल सकते। इसे अपनों के साथ बांटिये। अपनी स्थिति को अपने दोस्त, करीबी या घरवालों से शेयर करें। दर्द बांटने से कम होता है और बात करने से रास्ता निकलता है।

3. खुद का ध्यान दें: बैंक्सींग में इंसान बुरी तरह टूट जाता है। ऐसे में सेल्फ केयर की अहमियत बढ़ जाती है। अपनी मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक सेहत का ख्याल रखें। ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जिनके साथ आप खुश महसूस करें।

4. थेरेपी लें: बैंक्सींग इंसान के आत्मविश्वास पर बुरी तरह से आघात पहुंचाता है। अगर आपका कॉन्फिडेंस भी टूट जाए तो किसी प्रोफेशनल थेरपिस्ट से बात करें। वे आपको इस दर्द से उबरने और भविष्य के रिश्तों में भरोसा बनाने में मदद करेंगे।

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आज की डिजिटल डेटिंग और इंस्टाग्राम-इन्फ्लुएंस्ड दुनिया में रिलेशनशिप जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से बिखर भी जाते हैं। बैंक्सींग इसी बिखराव का मॉडर्न हथियार है। यह किसी भी रिश्ते में दीमक की तरह काम करता है जो धीरे-धीरे प्यार और भावना की पूरी नींव को धराशाही कर देता है। यहां सब कुछ सतह पर ठीक लगता है, लेकिन अंदर से रिश्ता मर चुका होता है। तो अगर कोई हमें पूरी तरह अपनाने को तैयार नहीं है, तो हमें भी खुद को अधर में रखने की जरूरत नहीं है। हमेशा याद रखें कि रिलेशनशिप में ‘कभी हां, कभी ना’ की जगह नहीं होनी चाहिए। पार्टनर से खुलकर बोलें- अगर आप साथ हैं तो सिर्फ साथ दिखें नहीं, साथ रहें भी।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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