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Earth Hour 2023: आज 1 घंटे तक अंधेरे में होगी भारत समेत पूरी दुनिया, जानें क्या है अर्थ आवर डे

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 25, 2023, 02:58 PM IST

Earth Hour 2023: अर्थ आवर के दौरान ऊर्जा संरक्षण हेतु समर्थन के रूप में लोग 1 घंटे तक अपने घरों और ऑफिसों में लाइट बंद कर देते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रतीकात्मक आह्वान में ऊर्जा बचाने हेतु गैर-आवश्यक प्रकाश के उपयोग को कम करना है।​

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Earth Hour Day 2023

Photo : iStock

Earth Hour 2023: भारत (India) समेत दुनियाभर में आज यानी 25 मार्च को रात 8:30 से 9:30 बजे तक अर्थ आवर डे (Earth Hour Day) मनाया जाएगा। अर्थ आवर (Earth Hour) के दौरान ऊर्जा संरक्षण हेतु समर्थन के रूप में लोग 1 घंटे तक अपने घरों और ऑफिसों में लाइट बंद कर देते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रतीकात्मक आह्वान में ऊर्जा बचाने हेतु गैर-आवश्यक प्रकाश के उपयोग को कम करना है।

प्रकृति के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ये दिन विभिन्न कार्यों और उन तरीकों का आह्वान करता है, जिनमें दुनियाभर के करोड़ों लोग भाग लेते हैं। अर्थ आवर के माध्यम से लोगों और नेताओं को ग्रह की रक्षा के लिए कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अर्थ आवर डे दुनिया को लोगों और ग्रह के लिए एकजुटता का आह्वान करता है।

अर्थ आवर की हिस्ट्री

साल 2007 में वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर और पार्टनर्स ने सिडनी में एक प्रतीकात्मक लाइट-आउट कार्यक्रम का आयोजन किया था, तब से ये शुरू हो गया। अर्थ आवर में 190 से अधिक देश और क्षेत्र भाग लेते हैं, जो मार्च के अंतिम शनिवार को हर साल आयोजित होने वाला एक वैश्विक कार्यक्रम है। जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास में साल 2007 से हर साल लाखों लोगों ने वैश्विक कार्यक्रमों में भाग लिया है।

क्या है अर्थ आवर?

वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर ने ऊर्जा संरक्षण और कार्बन फुटप्रिंट में कमी की वकालत करने के लिए अर्थ आवर की स्थापना की। इस पालन में सभी गैर-आवश्यक विद्युत प्रकाश स्रोतों से स्वैच्छिक घंटे भर का संयम शामिल है। प्रतीकात्मक घटना दुनियाभर में व्यक्तियों, समुदायों और व्यवसायों के लिए उनके पर्यावरणीय प्रभाव को प्रतिबिंबित करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के सामूहिक प्रयासों में योगदान करने के लिए कार्रवाई के आह्वान के रूप में कार्य करती है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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