मानव सभ्यता की कहानी सिर्फ पत्थरों, औजारों और आग की खोज तक सीमित नहीं है, यह कपड़ों की कहानी भी है। दुनिया भर के अलग अलग हिस्सों में भिन्न भिन्न प्रकार के फैब्रिक्स मिलते हैं। लेकिन आज हम जिस तरह के फैब्रिक्स पहनते हैं, वे मॉडर्न तकनीक का नतीजा हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया का सबसे पहला कपड़ा कैसा रहा होगा?
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रिपोर्ट्स के अनुसार हजारों सालों पहले एक प्राचीन गुफा और कब्रों में कुछ ऐसे अवशेष मिले, जिन्होंने कपड़ों इतिहास की धूल झाड़ दी। इन खोजों ने साबित किया कि हजारों साल पहले भी इंसान न सिर्फ कपड़े बनाता था, बल्कि उन्हें रंगता और डिजाइन भी करता था। यह सिर्फ एक कपड़े की खोज नहीं थी, बल्कि इंसानी कला और विकास की निशानी भी थी। देखें आखिर दुनिया का सबसे पुराना कपड़ा कौन सा है, कितने साल पुराना है इतिहास।
गुफा में छिपा था हजारों साल पुराना कपड़ा
इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, दुनिया के सबसे पुराने कपड़े का सुराग किसी आधुनिक लैब में नहीं, बल्कि यूरोप के काकेशस क्षेत्र की एक प्राचीन गुफा में मिला था। वैज्ञानिकों को वहां से लगभग 34,000 साल पुराने रेशे मिले थे। ये सन (Flax) पौधे के रेशे थे। जिससे खास तरह का फैब्रिक बुना जाता है, जो आज भी बहुत भारी डिमांड में यूज किया जाता है।
कौन सा फैब्रिक था ये
दुनिया का सबसे पुराना कपड़ा 'लिनन' माना जाता है, जो सन (Flax) पौधे के रेशों से बनता है। इन रेशों से पता चलता है कि पुराने समय के लोग इन्हें बुनकर कपड़े, रस्सियां और काम की दूसरी चीजें बनाते थे। कुछ रेशों पर रंग के निशान भी मिले हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि, उस समय में भी रंगीन कपड़े पहने जाते थे।

Linen Fabric
कब्रिस्तान में मिला था ड्रेस
दुनिया के सबसे पुराने फैब्रिक लिनन से ही, दुनिया की सबसे पुरानी ड्रेस तारखान बनाई गई थी। जिसका इतिहास करीब 5000 साल पुराना बताया जाता है। मिस्र सभ्यता में कब्रिस्तान से इस कपड़े के अवशेष मिले थे।
क्यों खास है लिनन
लिनन फैब्रिक खास इसलिए माना जाता है क्योंकि यह पूरी तरह प्राकृतिक, हल्का और बेहद आरामदायक होता है। यह सन (Flax) पौधे से बनता है और गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता है। इसकी खासियत है कि यह पसीना जल्दी सोखता है और जल्दी सूख जाता है। लिनन बहुत मजबूत और टिकाऊ होता है, साथ ही समय के साथ और मुलायम बनता जाता है, जिससे यह लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बेहतर विकल्प बनता है।
