किसी भी रिलेशनशिप में माफी मांगना बहुत आम है। गलती होने पर माफी मांगना परिपक्वता की निशानी भी है। यही माफी कई बार टूटते रिश्ते को भी संभाल सकती है। समस्या तब होती है जब हम सिर्फ इसलिए सॉरी बोल देते हैं कि पार्टनर नाराज ना हो जाए। धीरे-धीरे यह आदत आत्मसम्मान को प्रभावित कर सकती है और रिश्ते खराब कर देती है। तो अगर आप भी छोटी-छोटी बातों पर बिना वजह सॉरी कहते रहते हैं, तो इन पांच मौकों पर खुद को रोक लें:
अपनी भावनाएं व्यक्त करने पर
अगर आप दुखी हैं, किसी बात से आहत हैं या अपनी चिंता अपने पार्टनर से साझा कर रहे हैं, तो इसके लिए माफी मांगने की जरूरत नहीं है। स्वस्थ रिश्ते की पहचान यही है कि दोनों साथी बिना डर या झिझक अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर सकें। अपनी बात कहना कमजोरी नहीं, रिश्ते में भरोसे की निशानी है।
अपनी निजी सीमाएं तय करने पर
हर व्यक्ति की कुछ व्यक्तिगत सीमाएं होती हैं। जैसे अकेले समय बिताने की इच्छा, अपने दोस्तों से मिलने का समय या किसी बात पर असहमति जताना। अगर आप सम्मानपूर्वक अपनी सीमाएं तय कर रहे हैं, तो इसके लिए सॉरी कहने की जरूरत नहीं है। रिश्ते में प्यार के साथ-साथ व्यक्तिगत स्पेस भी उतना ही जरूरी होता है।
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हर समय सभी को खुश न रख पाने पर
कई लोग अपने साथी की हर इच्छा पूरी न कर पाने पर खुद को दोषी मानने लगते हैं। लेकिन कोई भी इंसान हर समय दूसरे को खुश नहीं रख सकता। कभी काम की व्यस्तता होगी, कभी मानसिक थकान। ऐसी परिस्थितियों में खुद को दोष देने के बजाय ईमानदारी से अपनी स्थिति बताना बेहतर होता है।
अपनी पसंद और फैसलों पर
आपकी अपनी पसंद हो सकती है। चाहे वह करियर से जुड़ा फैसला हो, कोई शौक हो या जीवनशैली। अगर आपका निर्णय रिश्ते को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो सिर्फ पार्टनर को खुश करने के लिए अपनी पहचान बदलना सही नहीं है। रिश्ता समझौते पर चलता है, लेकिन अपनी पहचान खो देने की कीमत पर नहीं।
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'ना' कहने पर
हर अनुरोध मान लेना स्वस्थ रिश्ते की पहचान नहीं है। अगर किसी बात के लिए आप सहज नहीं हैं या किसी काम के लिए तैयार नहीं हैं, तो सम्मानपूर्वक ना कहना आपका अधिकार है। बिना मन के हर बात मान लेना आगे चलकर नाराजगी और तनाव का कारण बन सकता है।
रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि माफी वहीं मांगनी चाहिए, जहां वास्तव में गलती हुई हो। अगर आप हर छोटी-बड़ी बात पर सॉरी कहने लगते हैं, तो यह आत्मविश्वास की कमी या लोगों को खुश रखने की आदत का संकेत भी हो सकता है।
