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दिवाली शॉपिंग से बिगड ना जाए बजट, इन आसान तरीकों से फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम

दिवाली का मतलब सिर्फ ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करना नहीं है। त्योहार की असली खुशी तब है जब रोशनी और खुशियों के साथ आपका आर्थिक संतुलन भी बना रहे।

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दिवाली शॉपिंग से बिगड ना जाए बजट, इन आसान तरीकों से फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम (Photo: iStock)

दिवाली खुशियों और खरीदारी का त्योहार है। नए कपड़े, घर की सजावट, मिठाइयां, गिफ्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर छोटी-बड़ी कई चीजें इस दौरान खरीदी जाती हैं। बाजार में ऑफर और डिस्काउंट भी खूब मिलते हैं। ऐसे में कई बार जरूरत से ज्यादा खरीदारी हो जाती है और त्योहार खत्म होने तक पता चलता है कि बजट उम्मीद से काफी आगे निकल चुका है। अगर इस दिवाली शॉपिंग के साथ बचत भी बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पहले तय करें कितना खर्च करना है

दिवाली की खरीदारी शुरू करने से पहले अपना कुल बजट तय करें। यह तय करें कि इस साल कपड़ों, घर की सजावट, मिठाई, गिफ्ट और दूसरी चीजों पर कितना पैसा खर्च करना है। बजट को अलग-अलग हिस्सों में बांटने से यह समझना आसान होता है कि कहां कितना खर्च किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि तय बजट से ज्यादा खर्च न करने का नियम पहले ही बना लें।

जरूरत और इच्छा में फर्क समझें

दिवाली पर कई चीजें ऐसी नजर आती हैं जो देखने में अच्छी लगती हैं, लेकिन वास्तव में उनकी जरूरत नहीं होती। दुकान या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कोई चीज पसंद आते ही उसे खरीदने के बजाय खुद से पूछें कि इसकी जरूरत है या सिर्फ ऑफर देखकर खरीदने का मन हो रहा है। यह छोटा सा सवाल फिजूलखर्ची रोकने में काफी मदद कर सकता है।

ऑफर देखकर तुरंत खरीदारी न करें

'बाय वन गेट वन', फ्लैट डिस्काउंट और सीमित समय वाले ऑफर देखकर खरीदारी का मन जल्दी बन जाता है। हालांकि हर डिस्काउंट जरूरी नहीं कि आपके लिए बचत ही हो। किसी चीज को खरीदने से पहले उसकी कीमत दूसरे प्लेटफॉर्म या दुकान पर भी देख लें। कई बार डिस्काउंट के नाम पर ऐसी चीज खरीद ली जाती है, जिसे खरीदने की पहले से कोई योजना नहीं थी।

ऑनलाइन शॉपिंग में रखें खास सावधानी

ऑनलाइन खरीदारी आसान है, लेकिन यही सुविधा कई बार ज्यादा खर्च की वजह भी बन जाती है। ऐप खोलते ही नए प्रोडक्ट और ऑफर सामने आने लगते हैं। इसलिए पहले से एक शॉपिंग लिस्ट बना लें और कोशिश करें कि उसी के हिसाब से खरीदारी करें। बार-बार कार्ट में चीजें जोड़ने से बचें।

क्रेडिट कार्ड से खर्च का रखें हिसाब

क्रेडिट कार्ड या 'बाय नाउ, पे लेटर' जैसी सुविधाओं से भुगतान आसान लगता है, लेकिन बाद में यही खर्च बजट बिगाड़ सकता है। त्योहार के दौरान उधार लेकर खरीदारी करने के बजाय उतना ही खर्च करें, जितना आसानी से चुकाया जा सके।

गिफ्ट में भी बनाएं सीमा

दिवाली पर रिश्तेदारों, दोस्तों और ऑफिस के लोगों के लिए गिफ्ट खरीदते समय भी एक सीमा तय करें। हर व्यक्ति के लिए महंगा गिफ्ट जरूरी नहीं है। बजट के भीतर चुना गया उपयोगी और सोच-समझकर दिया गया गिफ्ट भी उतनी ही खुशी दे सकता है।

दिवाली का मतलब सिर्फ ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करना नहीं है। त्योहार की असली खुशी तब है जब रोशनी और खुशियों के साथ आपका आर्थिक संतुलन भी बना रहे। इसलिए इस बार खरीदारी से पहले लिस्ट बनाएं, बजट तय करें और हर ऑफर को देखकर खुद से एक सवाल जरूर पूछें- क्या मुझे सच में इसकी जरूरत है?

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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