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Chanakya Niti: विद्यार्थियों के लिए जहर के समान हैं ये 3 चीजें, चाणक्य ने सदियों पहले ही कर दिया था आगाह

Chanakya NIti for Students: चाणक्य नीति का मानना है कि कुछ बातों को अपनाकर कोई भी विद्यार्थी न केवल परीक्षाओं में, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर विजय प्राप्त कर सकता है।

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आज का सुविचार चाणक्य नीति से (Photo: AI Image)

Chanakya Niti for Students: चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में हर किसी के लिए कुछ ना कुछ जरूर बताया है। उन्होंने छात्रों को भी सफलता के कई गुण बताए हैं। आज के सुविचार (Thought of the day) में नजर डालते हैं विद्यार्थियों के लिए चाणक्य नीति पर। दरअसल चाणक्य नीति विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शिका की तरह है। आचार्य चाणक्य (Chanakya) का मानना था कि विद्यार्थी जीवन ही वह नींव है, जिस पर भविष्य की इमारत खड़ी होती है। चाणक्य का मानना था कि किसी भी इंसान का विद्यार्थी जीवन ही उसके भविष्य की दिशा तय करता है। चाणक्य नीति कहती है कि अगर किसी विद्यार्थी को अपने जीवन में सफलता के शिखर पर मकान बनाना है तो उन्हें चाणक्य जी की इन 5 बातों को गांठ बांध लेना जरूरी है:

विद्यार्थियों के लिए चाणक्य नीति क्या है

1. अनुशासन और समय

चाणक्य के अनुसार, जो विद्यार्थी समय का सम्मान नहीं करता, समय उसे नष्ट कर देता है। कल पर काम टालने की आदत सफलता की सबसे बड़ी दुश्मन है। चाणक्य नीति की सलाह है कि कोई भी विद्यार्थी एक निश्चित दिनचर्या बनाए और उसका कठोरता से पालन करे।

2. सुख का मोह छोड़ें

आचार्य चाणक्य ने स्पष्ट कहा है कि सुखार्थिन: कुतोविद्या नास्ति विद्यार्थिन: सुखम्। मतलब कि सुख चाहने वाले को विद्या नहीं मिल सकती और विद्या चाहने वाले को सुख का त्याग करना पड़ता है। यहां सुख का अर्थ आलस्य और विलासिता से है। चाणक्य नीति कहती है कि नींद, स्वाद और मनोरंजन में अधिक समय गंवाने के बजाय विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।

3. बुरी संगति से दूरी

विद्यार्थी जीवन में मित्रों का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। गलत संगत न केवल आपके चरित्र को बिगाड़ती है, बल्कि आपको आपके लक्ष्यों से भी भटका देती है। चाणक्य नीति सिखाती है कि ऐसे मित्र बनाएं जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, न कि वे जो आपको गलत रास्तों पर ले जाएं।

4. जिज्ञासा

एक सच्चा विद्यार्थी वही है जिसके मन में सीखने की भूख हो। चाणक्य मानते थे कि संकोच ज्ञान प्राप्ति में बाधक है। चाणक्य नीति के मुताबिक यदि कोई विषय समझ न आए, तो बिना डरे या शरमाए अपने गुरु से प्रश्न पूछें। अधूरा ज्ञान हमेशा खतरनाक होता है।

5.संयम

विद्यार्थी के लिए काम, क्रोध, लोभ और स्वाद पर नियंत्रण रखना अनिवार्य है। क्रोध से बुद्धि भ्रष्ट होती है और लोभ से एकाग्रता भंग होती है। चाणक्य नीति कहती है कि अपने मन को शांत रखें और विचलित करने वाली चीजों से दूर रहें।

चाणक्य के अनुसार पढ़ाई कैसे करें

चाणक्य नीति में दर्ज है कि विद्यार्थी के अंदर कौन से गुण जरूर होने चाहिए। बकौल चाणक्य किसी भी विद्यार्थी को अगर सफलता हासिल करनी है तो उसमें नीचे बताए कुछ खास गुण जरूर होने चाहिए:

- काक चेष्टा: कौवे की तरह चेष्टा।

- बको ध्यानं: बगुले की तरह एकाग्रता।

- श्वान निद्रा: कुत्ते की तरह सजग नींद।

- अल्पाहारी: आवश्यकतानुसार कम भोजन करना।

- गृहत्यागी: घर के मोह-माया से दूर रहकर लक्ष्य पर ध्यान देना।

चाणक्य नीति का मानना है कि इन सिद्धांतों को अपनाकर कोई भी विद्यार्थी न केवल परीक्षाओं में, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर विजय प्राप्त कर सकता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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