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बालकनी में रखे सजावटी पौधे कैसे बन सकते हैं डेंगू का अड्डा, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये छोटी-सी गलती

Dengue Mosquito Breeding Risk In Balcony Plants: क्या आपकी बालकनी में रखे सजावटी पौधे डेंगू के मच्छरों का ठिकाना बन रहे हैं? जानिए बारिश के मौसम में कौन-सी छोटी गलतियां डेंगू का खतरा बढ़ा सकती हैं।

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बालकनी में रखे गमले कैसे बढ़ा सकते हैं डेंगू का रिस्क

Dengue Mosquito Breeding Risk In Balcony Plants: बारिश का मौसम आते ही घर की बालकनी में रखे हरे-भरे पौधे मन को सुकून देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर इन पौधों की सही देखभाल न की जाए, तो यही डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का ठिकाना भी बन सकते हैं? घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डेंगू पौधों से नहीं फैलता। असली परेशानी तब होती है, जब गमलों या उनके नीचे रखी ट्रे में बारिश का पानी जमा रह जाता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी बताते हैं कि बारिश के मौसम में ऐसी छोटी-छोटी लापरवाहियां डेंगू का खतरा बढ़ा सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस खतरे से काफी हद तक बचा जा सकता है।

पौधे नहीं रुका हुआ पानी बढ़ाता है डेंगू का खतरा

अक्सर लोग सोचते हैं कि घर में ज्यादा पौधे रखने से डेंगू हो जाता है, लेकिन यह सही नहीं है। डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी कहते हैं कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपते हैं। बारिश के बाद अगर गमलों की ट्रे, सजावटी गमले, बाल्टी या बालकनी की नाली में पानी जमा रह जाए, तो वहीं मच्छर अंडे देने लगते हैं। इसलिए पौधों से ज्यादा जरूरी है उनके आसपास पानी जमा न होने देना।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाती है परेशानी

मानसून में बार-बार बारिश होने से बालकनी और छत पर पानी रुकना आम बात है। अगर यह पानी कई दिनों तक वहीं पड़ा रहे, तो मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। ये मच्छर अक्सर घरों के आसपास ही रहते हैं और दिन के समय भी काटते हैं। इसलिए अगर घर की बालकनी या छत साफ नहीं रखी जाए, तो परिवार के लोगों पर डेंगू का खतरा बढ़ सकता है।

इन छोटी आदतों से डेंगू का खतरा कम किया जा सकता है

डॉ. रेड्डी सलाह देते हैं कि गमलों के नीचे रखी ट्रे और प्लेट को हर हफ्ते खाली करके अच्छी तरह धोएं। पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें और यह देखें कि गमले का अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए। अगर बाल्टी, पानी डालने वाला डिब्बा या कोई सजावटी बर्तन इस्तेमाल में नहीं है, तो उसमें पानी जमा न रहने दें। साथ ही बालकनी की नाली भी साफ रखें ताकि बारिश का पानी रुके नहीं।

मच्छरों को घर से दूर रखने के लिए ये बातें भी याद रखें

अगर बालकनी में पौधे बहुत ज्यादा घने हो गए हैं, तो समय-समय पर उनकी छंटाई करते रहें। इससे वहां नमी कम रहेगी और मच्छरों के छिपने की जगह भी नहीं बनेगी। सुबह और शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाना भी एक अच्छा तरीका है, जिससे मच्छर अंदर नहीं आ पाते।

ये लक्षण दिखें तो इंतजार बिल्कुल न करें

अगर किसी को तेज बुखार आए, सिर में तेज दर्द हो, आंखों के पीछे दर्द महसूस हो, शरीर और जोड़ों में बहुत ज्यादा दर्द हो, बार-बार उल्टी हो, पेट में तेज दर्द हो, नाक या मसूड़ों से खून आए या बहुत ज्यादा कमजोरी लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉ. जी. कृष्णा मोहन रेड्डी कहते हैं कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज और शरीर में पानी की कमी न होने देना गंभीर डेंगू से बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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