Remedies to fight Cavities: बच्चों के दांत में कीड़ा क्यों लगता है? बच्चों के दांत में कीड़ा लगने पर अक्सर लोग बच्चों को डेंटिस्ट के पास यह सोचकर नही ले जाते हैं कि बच्चा छोटा है। लेकिन बच्चों के दांतों में कीड़ा लगने की समस्या दिनोंदिन आम होती जा रही है। यह समस्या सही ढंग से ब्रश न करने, दांतों का सही ढंग से ध्यान न रखने की वजह से होता है। अगर समय पर इसका इलाज नही किया जाता है, तो दांत से जुड़ी अन्य बीमारियां होने की संभावना रहती है।
बच्चों में अन्य बीमारियों की तुलना में दांत में सड़न की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। विशेष रूप से दो से 11 साल के बच्चों में इस बीमारी की समस्या अधिक है। बच्चों में दूध के दांतों में सड़न बैक्टीरिया की वजह से होती है। आज हम जानेंगे, बच्चों के दांतों में कैविटी होने का क्या कारण है? साथ ही दांत में कीड़ा लगने के लक्षण क्या है और इसे कैसे रोका जा सकता है?
कैविटी लगने की वजह
जब भी हम कुछ खाते हैं या पीते हैं, तो उसके कुछ कण हमारे दांतों के बीच रह जाते हैं। जब दांतों की सफाई नहीं की होती मतलब खाने के बाद पानी से कुल्ला नहीं किया जाता, तो ये बैक्टीरिया खानपान में मौजूद शुगर से एसिड बनाने का काम करते हैं। यह पीले रंग की परत के रूप में दांतों पर जमा होने लगता है, जो कैविटी है।
बच्चों के दांत कीड़े से बचाने के लिए करें ये काम
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टॉफी-चॉकलेट या कोई भी मीठी चीज ज्यादा न दें।
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फास्ट फूड या तली हुई चीजें न खाने दें।
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ज्यादा गर्म चीजें खाने को देने से बचें।
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दांतों को न्यूट्रिशन देने वाली चीजें खिलाएं।
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छोटे बच्चों को सुबह और शाम दोनों वक्त ब्रश की आदत बनाएं।
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बच्चे के दांत आने के दौरान और उसके बाद जूस कम पीने के लिए दें।
दांतों को कैविटी से ऐसे रखें दूर करने
नीम से दूर करें कैविटी
अगर आपके दांतों में भी कैविटी है, तो नीम की मदद से आप इसे दूर कर सकते हैं। नीम का एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए आपको दांतों और मसूड़ों में नीम के पत्तों का रस रगड़ना होगा। अब उसे कुछ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें।
नारियल तेल भी है फायदेमंद
नारियल तेल से भी कैविटी की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, जिसके लिए आपको एक चम्मच शुद्ध कोल्ड प्रेस्ड नारियल तेल लेना होगा। अब इस तेल को मुंह में रखें। करीब 10 से 15 मिनट के लिए इस तेल को घुमाते रहें और बाद में कुल्ला कर लें। इसके बाद ब्रश करें और आप चाहें तो ब्रश की जगह पीले धागे से दांतों की सफाई भी कर सकते हैं।
मुलेठी की जड़ का उपयोग
आप कैविटी दूर करने के लिए मुलेठी की जड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक मुलेठी का टुकड़ा लें और पाउडर बना लें। इस पाउडर को ब्रश में लगाकर दांतों को साफ करें और बाद में पानी से कुल्ला कर ले।
लौंग के तेल कैविटी को रखता है दूर
लौंग के तेल से भी आप कैविटी दूर कर सकते हैं। इसके लिए आप रूई का इस्तेमाल करते हुए दो- तीन बूंद लौंग का तेल डालें। लौंग के तेल को रात में लगा सकते हैं। इसके अलावा लौंग के तेल में रूई लगाकर कैविटी पर रखें। इस उपाय को नियमित रूप से करने से समस्या से जल्द ठीक हो जाएगा।
लहसुन के एंटी-माइक्रोबियल गुणों का फायदा
लहसुन का पेस्ट बना लें और इसे प्रभावित दांतों पर लगा दें। कुछ समय बाद ब्रश कर लें। लहसुन में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं और ये कैविटी से लड़ने में सक्षम है। दांतों में सड़न और मुंह की बदबू भी दूर करता है।
हल्दी पाउडर से मसाज करें
हल्दी पाउडर को उंगली पर लेकर अपने दांतों और मसूड़ों पर मलने की आदत डाल लें। इसके बाद ब्रश कर लें। रोज इसे करने से दांत स्वस्थ रहेंगे, क्योंकि हल्दी में भी एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मसूड़ों में सूजन और मसूड़ों के ढीलेपन को सही करते हैं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता है।)

