Nana Patekar Farmhouse, नाना पाटेकर फार्महाउस: बॉलीवुड की दुनिया में जहां ज्यादातर वक्त कैमरे, शूटिंग और शहर की भागदौड़ में गुजरता है, वहीं अभिनेता नाना पाटेकर को खाली समय में बिल्कुल अलग माहौल पसंद था। मुंबई की भीड़ और फिल्मी शोर से दूर वह पुणे के पास खड़कवासला स्थित अपने फार्महाउस में समय बिताना पसंद करते थे। करीब 27 एकड़ में फैली यह जगह किसी चमकदार सेलिब्रिटी प्रॉपर्टी से ज्यादा एक शांत ग्रामीण दुनिया जैसी बताई जाती है। यहां खेत हैं, पेड़-पौधे हैं और गाय, बैल तथा कुत्ते जैसे जानवर भी हैं।
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नाना का इस जगह से रिश्ता सिर्फ आराम करने तक सीमित नहीं था। वह खेती से भी जुड़े रहते थे और गेहूं, दाल, चना तथा हल्दी जैसी फसलें उगाते थे। यही सादगी इस फार्महाउस को खास बनाती है। यहां स्टारडम से ज्यादा मिट्टी, मेहनत और प्रकृति नजर आती है। यहां देखें नाना पाटेकर के फार्महाउस की कुछ तस्वीरें और इस शानदार फार्महाउस से जुड़ी डिटेल्स।
नाना पाटेकर का फार्महाउस
रिपोर्ट्स के अनुसार नाना पाटेकर का फार्महाउस करीब 27 एकड़ में फैला हुआ है। फार्महाउस के मुख्य हिस्से में करीब सात कमरे बताए जाते हैं। इसके डिजाइन में नाना पाटेकर की पसंद का असर भी नजर आता है। ढलानदार छत, लकड़ी का साधारण फर्नीचर, टेराकोटा फ्लोरिंग और बीम वाली छत इसे ग्रामीण अंदाज देते हैं।
खेती करते थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर का खेती से जुड़ाव इस फार्महाउस की खास पहचान है। यहां गेहूं, दाल, चना और हल्दी जैसी फसलें उगाई जाती हैं। खेती उनके लिए केवल फार्महाउस को हरा-भरा रखने का तरीका नहीं थी, बल्कि जमीन के साथ सीधे जुड़ने का माध्यम भी थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार खेत में उगने वाली फसल और उससे होने वाली कमाई को उनके साथ काम करने वाले स्थानीय किसानों के साथ साझा किया जाता था। यही पहल इस फार्महाउस की कहानी को सिर्फ एक सेलिब्रिटी प्रॉपर्टी की कहानी बनने से रोकती है।

Nana Patekar Farmhouse in Khadakwasla
गाय-बैल और कुत्ते भी परिवार का हिस्सा
फार्महाउस में गाय और बैल भी रखे जाते थे। कुत्तों की मौजूदगी भी बताई जाती है। ऐसे में यहां का रोजमर्रा का जीवन शहर के किसी आलीशान घर से बिल्कुल अलग दिखाई देता है।

Nana Patekar Farmhouse Pics
सुबह खेतों का चक्कर, पशुओं की देखभाल और आसपास की हरियाली, ऐसी दिनचर्या में नाना को वह सुकून मिलता था, जो फिल्मी सेट की व्यस्त जिंदगी में आसानी से नहीं मिलता।
खेती के अलावा ये शौक भी थे
फार्महाउस पर नाना का समय केवल खेतों में ही नहीं गुजरता था। उन्हें पेंटिंग और कविता लिखने का भी शौक रहा है। इसके अलावा ट्रेकिंग और राइफल प्रैक्टिस जैसी गतिविधियों के लिए भी वह समय निकालते थे।

Ajit Pawar at Nana Patekar Farmhouse
इसी के साथ साथ फार्महाउस में लगभग 2,000 पेड़ों वाला मियावाकी जंगल लगाए जाने की जानकारी मिलती है। इसके अलावा बिजली की जरूरत के लिए करीब 5 किलोवाट का सोलर प्लांट भी बताया जाता है। फार्महाउस की बनावट में प्राकृतिक हवा और ठंडक का ध्यान रखा गया है।
