Bihar Rajgir Zoo Safari: क्या खास है बिहार के पहले जू-सफारी में? सैलानियों को लुभा रहा नेचर सफारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2022, 02:57 PM IST

Bihar Rajgir Zoo Safari: बिहार के राजगीर में बना जू-सफारी बिहार में पर्यटन को एक नई दिशा में ले जा रहा है। राजगीर में बना देश का पहला स्काई वॉक ब्रिज पहले ही चर्चा में है। राजगीर की खूबसुरत पहड़ियों में बना नेचर सफारी भी पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है।

Bihar Rajgir Zoo Safari: क्या खास है बिहार के पहले जू-सफारी में? सैलानियों को लुभा रहा नेचर सफारी
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Bihar Rajgir Zoo Safari : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 फरवरी को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 'जू-सफारी' का उद्घाटन किया। बिहार के राजगीर में बना यह जू-सफारी पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। नीतीश सरकार बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उसकी एक मिसाल राजधानी दिल्ली के मैट्रो ट्रेन में लगातार हो रहा बिहार पर्यटन का प्रचार है। जू-सफारी के उद्घाटन के बाद सीएम नीतीश ने कहा कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट की चर्चा पीएम मोदी से भी की थी। नीतीश कुमार ने इस जू-सफारी के लिए गुजरात से शेर भेजने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद भी किया।

बिहार का पहला जू-सफारी

राजगीर जू-सफारी को बनाने में करीब 177 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस पूरे सफारी को रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। इस प्रोजेकट को पूरा होने में केवल तीन साल का समय लगा है। फिलहाल इसके अंदर मुख्य तौर पर पाँच तरह के जानरों को रखा गया है। इनमें बाघ, शेर, भालू, तेंदुआ और हिरण शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि यहाँ शेरों के लिए 25 हेक्टेयर का इलाका आरक्षित है। इस जू सफारी में अभी शेर का केवल एक जोड़ा है। शेर के इस जोड़े को गुजरात के जूनागढ़ से लाया गया है। जूनागढ़ में मौजूद गिर का जंगल भारत में शेरों के लिए एक मात्र प्राकृतिक ठिकाना है।

द रॉयल बंगाल टाइगर को करीब से देखें

वहीं इस सफारी में बाघ का भी एक जोड़ा है। द रॉयल बंगाल टाइगर के इस जोड़े को भी यहां 25 हेक्टेयर का इलाका दिया गया है। भविष्य में यहांँ बाघों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है। साथ ही इस सफारी के अंदर एक जोड़ी तेंदुआ और एक जोड़ी भालू भी मौजूद है जिनके रहने के लिए भी 25-25 हेक्टेयर की जगह दी गई है। यहांँ रखे गए जानवरों को कोई परेशानी न हो इस वजह से उनके लिए नाइट हाउस भी बनाया गया है। नाइट हाउस में ही जानवरों के खाने पीने का इंतजाम किया जाता है। यहांँ जानरों की सुरक्षा का भी पुख्ता इंताजम किया गया है। जगह-जगह पर सुरक्षार्मी तैनात किए गए हैं। सफारी के हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।

जू-सफारी में पर्यटकों के लिए खास इंतजाम

बिहार के इस पहले जू-सफारी में पर्यटकों की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है। पर्यटक शीशे की बंद गाड़ी में सफारी का मजा लेंगे। गर्मी के दिनों में सैलानियों को परेशानी न हो इस वजह सभी गाड़ियांँ एयर कंडीशन हैं। इसके साथ ही पर्यटक यहांँ नेचर सफारी भी देख सकते हैं। 500 हेक्टेयर में फैले इस नेचर सफारी को बनाने में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह नेचर सफारी साल 2017 में बनना शुरू हुआ था। इसके अंदर कई पार्क भी मौजूद हैं। पर्यटकों के लिए बिहार सरकार ने ऑनलाइन टिकट की सुविधा उप्लब्ध कराई है। पर्यटक rajgirzoosafari.in पर जा कर टिकट बुक कर सकते हैं। टिकट की कीमत भी बहुत कम है। सिर्फ 250 रूपये में आप पूरे सफारी की सैर कर सकते हैं।

पर्यटकों के लिए राजगीर पहुंँचना बेहद आसान

अगर आप राजगीर जू-सफारी जा रहे हैं तो आप वहां भारत के पहले स्काई वॉक ब्रिज का मजा भी ले सकते हैं। 200 फीट की ऊंँचाई पर स्थित 85 फीट लंबा यह ग्लास ब्रिज लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। ग्लास ब्रिज का टिकट केवल 125 रूपये का है। अगर आप राजगीर की यात्रा प्लान कर रहे हैं तो यहां पहुंचना बेहद आसान है। राजगीर बिहार की राजधानी पटना से केवल 100 किलोमीटर दूर है। आप पटना से बस के माध्यम से भी राजगीर जा सकते हैं। साथ ही पटना एयरपोर्ट के लिए देश के हर कोने से हवाई यात्रा की सुविधा उप्लब्ध है। दिल्ली समेत देश के दूसरे राज्यों से भी सीधे राजगीर स्टेशन के लिए कई ट्रेनें हैं। जिनकी मदद से आप बड़ी ही आसानी से राजगीर पहुंच सकते हैं। तो आप फटाफट बदलते हुए बिहार को देखने जाएं और हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं के आपको राजगीर जू-सफारी और राजगीर की पहाड़ियां कैसी लगीं?

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