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Alvida Shayari: 'उम्र भर का साथ मिट्टी में मिला, हम चले ऐ जिस्म-ए-बे-जां अलविदा..', जिंदगी के हर रंग समेटे हैं ये मशहूर अलविदा शायरी

Alvida Shayari for Friends, life, Girlfriend and love, Vidaai Shayari: अलविदा शायरी दिल की उस खामोशी को आवाज देती है, जिसे हम शब्दों में बयां नहीं कर पाते। यह हमें याद दिलाती है कि हर जुदाई, हर बिछड़ना दरअसल एक नई मुलाकात की राह भी बनाता है।

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अलविदा शायरी फॉर गर्लफ्रेंड, अलविदा शायरी हिंदी, अलविदा शायरी 2 लाइन (Photo: iStock)

Alvida Shayari in Hindi: किसी को भी अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। किसी सफर का अंत हो, किसी रिश्ते की विदाई हो या जिंदगी का कोई मोड़, हर हालात में ये अलविदा शब्द हमें एक अजीब सी कसक दे जाता है। इसी कसक को बहुत से शायरों ने अपनी शायरी में अलग-अलग तरह से पेश किया है। अलविदा पर लिखी शायरियों में दर्द है, मोहब्बत है, यादें हैं और एक अनकही दुआ भी है कि जुदाई के बाद भी रिश्ता जिंदा रहे। अलविदा कहना केवल विदाई नहीं, बल्कि उम्मीद है कि आने वाले कल में फिर मिलेंगे। आइए पढ़ते हैं अलविदा पर लिखे कुछ मशहूर शेर:

Alvida Shayari for Friends

1. क्यूं इशारा है उफ़ुक़ पर आज किस की दीद है

अलविदा माह-ए-रमज़ां वो हिलाल-ए-ईद है

- निसार कुबरा अज़ीमाबादी

2. अज़ीज़ो आओ अब इक अल-विदाई जश्न कर लें

कि इस के ब'अद इक लम्बा सफ़र अफ़सोस का है

- ख़ुर्शीद तलब

3. उम्र भर का साथ मिट्टी में मिला

हम चले ऐ जिस्म-ए-बे-जां अलविदा

- नातिक़ गुलावठी

Alvida Shayari on life

4. वक़्त-ए-रुख़्सत अलविदा का लफ़्ज़ कहने के लिए

वो तिरे सूखे लबों का थरथराना याद है

- अज्ञात

5. हसीन यादों के चांद को अलविदा कह कर

मैं अपने घर के अंधेरे कमरों में लौट आया

हसन अब्बासी

6. घर में रहा था कौन कि रुखसत करे हमें

चौखट को अलविदा कहा और चल पड़े

- मख़मूर सईदी

Alvida Shayari for Girl

7. एक दिन कहना ही था इक दूसरे को अलविदा

आख़िरश 'सालिम' जुदा इक बार तो होना ही था

- सलीम शुजाअ अंसारी

8. आबदीदा हो के वो आपस में कहना अलविदा

उस की कम मेरी सिवा आवाज़ भर्राई हुई

- परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़

9. कलेजा रह गया उस वक़्त फट कर

कहा जब अलविदा उस ने पलट कर

- पवन कुमार

10. मुझे छोड़ कर जो चला गया उसे याद करने से क्या ग़रज़

जो ठहर गए उन्हें शुक्रिया जो चले गए उन्हें अलविदा

- अश्विनी यादव

Alvida Shayari Love

11. वो अलविदा का मंज़र वो भीगती पलकें

पस-ए-ग़ुबार भी क्या क्या दिखाई देता है

- शकेब जलाली

12. लगा जब यूं कि उकताने लगा है दिल उजालों से

उसे महफ़िल से उस की अलविदा कह कर निकल आए

- परविंदर शोख़

इन शायरियों को पढ़ आपने भी महसूस किया होगा कि अलविदा शायरी दिल की उस खामोशी को आवाज देती है, जिसे हम शब्दों में बयां नहीं कर पाते। यह हमें याद दिलाती है कि हर जुदाई, हर बिछड़ना दरअसल एक नई मुलाकात की राह भी बनाता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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