Aaj Ki Shayari: यादों के गहरे साये में खो जाने को करेगा मन, इश्क की तड़प का दूसरा नाम है हसरत मोहानी का ये शेर
- Authored by: Suneet Singh
- Updated Dec 13, 2025, 10:55 AM IST
Aaj Ki Shayari (आज की शायरी): हसरत मोहानी (Hasrat Mohani) इश्क की तड़प को जिस सादगी से बयां करते हैं उसी ने उन्हें उर्दू अदब की धरोहर बनाया। हसरत मोहानी की शायरी की सबसे बड़ी खूबी उसकी सच्चाई है। उसमें न कोई दिखावा होता था और न कोई बनावट।
आज की शायरी ( Shayari of The Day)
Shayari of The Day (आज की शायरी): हसरत मोहानी का नाम उर्दू शायरी के उन दुर्लभ शायरों में शुमार है, जिनकी कलम में इश्क, इनक़लाब और आध्यात्मिकता तीनों का अनोखा संगम मिलता है। उनकी शायरी में जुनून भी है और नफासत भी। हसरत के यहां मोहब्बत कोई हल्का-फुल्का एहसास नहीं, बल्कि एक गहरा, रूहानी अनुभव है जो इंसान को खुद से आगे देखने की ताकत देता है। हसरत मोहानी इश्क की तड़प को जिस सादगी से बयां करते हैं उसी ने उन्हें उर्दू अदब की धरोहर बनाया। हसरत मोहानी की शायरी की सबसे बड़ी खूबी उसकी सच्चाई है। उसमें न कोई दिखावा होता था और न कोई बनावट। शब्द सीधे दिल पर उतरते। आज की शायरी में यहां पढ़ें हसरत मोहानी का एक मशहूर शेर:
"नहीं आती तो याद उन की महीनों तक नहीं आती
मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं"
इस शेर में इश्क़ और यादों की गहराई को बहुत सहज लेकिन दर्दभरी भाषा में कहा गया है। शेर कहता है कि कई-कई महीनों तक उस व्यक्ति की याद बिल्कुल नहीं आती। मानो दिल खुद को संभाल लेता है, जिंदगी अपनी रफ्तार में चलती रहती है और यादों की हलचल धीमी पड़ जाती है। लेकिन यही यादें जब लौटती हैं, तो तूफान की तरह आती हैं। एक साथ, बार-बार, लगातार।
इसका मतलब यह है कि सच्चा प्यार या गहरा रिश्ता कभी पूरी तरह दिल से मिटता नहीं। वह भले ही कुछ समय के लिए शांत हो जाए, लेकिन दिल की तहों में कहीं दबा रहता है। जैसे ही कोई छोटी सी बात, एहसास या दृश्य उस पुराने वक्त को छू लेता है, सारी यादें फिर जीवित हो उठती हैं।
यह शेर उस मनोस्थिति को व्यक्त करता है जहां इंसान सोचता है कि शायद अब वह आगे बढ़ चुका है, लेकिन अचानक यादों की बाढ़ उसे फिर उसी जगह लौटा लाती है। इसमें मोहब्बत की मजबूरी भी है और इंसानी भावनाओं का सच भी। हम यादों को जितना भुलाना चाहते हैं, वे उतना ही गहराई से लौट आती हैं। यह शेर बताता है कि यादें कभी स्थायी रूप से जाती नहीं, वे सिर्फ सही समय का इंतजार करती हैं।
हसरत मोहानी के 10 मशहूर शेर | Hasrat Mohani Shayari
हसरत मोहानी ने इश्क की तड़प पर बहुत से लाजवाब शेर लिखे हैं। इन शायरियों की खासियत ये है कि ये कभी पुराने नहीं होते। हर दौर में मौजूं है हसरत मोहानी की शायरी। यहां पढ़ें हसरत मोहानी के कुछ मशहूर शेर:
1. मिरा इश्क़ भी ख़ुद-ग़रज़ हो चला है
तिरे हुस्न को बेवफ़ा कहते कहते
2. आईने में वो देख रहे थे बहार-ए-हुस्न
आया मिरा ख़याल तो शर्मा के रह गए
3. चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगह
मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वो ठिकाना याद है
4. आरज़ू तेरी बरक़रार रहे
दिल का क्या है रहा रहा न रहा
5. वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
6. तेरी महफ़िल से उठाता ग़ैर मुझ को क्या मजाल
देखता था मैं कि तू ने भी इशारा कर दिया
7. आईने में वो देख रहे थे बहार-ए-हुस्न
आया मिरा ख़याल तो शर्मा के रह गए
8. हम क्या करें अगर न तिरी आरज़ू करें
दुनिया में और भी कोई तेरे सिवा है क्या
9. बरसात के आते ही तौबा न रही बाक़ी
बादल जो नज़र आए बदली मेरी नीयत भी
10. इक़रार है कि दिल से तुम्हें चाहते हैं हम
कुछ इस गुनाह की भी सज़ा है तुम्हारे पास
बता दें कि हसरत मोहानी लखनऊ के करीब उन्नाव के कस्बा मोहान में 1881 में पैदा हुए। वालिद अहर हुसैन एक जागीरदार थे और फतेहपुर में रहते थे। आज भी हसरत मोहानी अपनी शायरी और गजलों के अल्फाजों के जरिए मौसिकी के तलबगारों के दिलों में जिंदा हैं।
नए साल 2026 की ढेरों शुभकामनाएं। हमारे साथ देखें नए साल के खास बधाई संदेश, नए साल के संस्कृत शुभेच्छा संदेश, घर के बड़ों को हैपी न्यू ईयर कैसे कहें, न्यू ईयर विशेज फॉर हस्बैंड, वाइफ, बॉस, लव, नए साल के मोटिवेशनल बधाई संदेश, नए साल की देशभक्ति भरी विशेज। पढ़ें हैपी न्यू ईयर का जवाब कैसे दें। साथ ही देखें आज का राशिफल