लाइफस्टाइल

₹370 की बिरयानी और बाद में वसूली, डेट पर बिल भरकर खुद को हीरो समझते हैं? लड़कों की ये आदतें देती हैं टॉक्सिक होने का संकेत

एक प्लेट बिरयानी को लेकर इंटरनेट पर शुरू हुई बहस ने डेटिंग-रिश्तों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या किसी डेट पर खर्च किया गया पैसा बदले में किसी अधिकार या उम्मीद का आधार बन सकता है?

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370 rs Biryani Meme controversy, How this makes the man toxic

रिश्तों में सम्मान, सहमति और बराबरी की बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी घटना चर्चा में आ गई जिसने डेटिंग को लेकर लोगों की सोच पर सवाल खड़े कर दिए। एक कॉमेडी शो के दौरान दर्शकों में बैठे एक युवक ने बताया कि उसने एक महिला को डेट पर बिरयानी खिलाई थी, जिस पर उसका करीब 370 रुपये खर्च हुआ। बाद में उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह उस पैसे की 'वसूली' करना चाहता है।

यह बात सुनने में भले ही हल्की-फुल्की लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी सोच ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी पर खर्च किया गया पैसा बदले में किसी तरह की उम्मीद या अधिकार दे देता है?

डेट कोई लेन-देन नहीं है

कई बार कुछ लोग डेटिंग को एक तरह का सौदा समझने लगते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने खाना खिलाया, गिफ्ट दिया या बिल भरा है, तो सामने वाले पर उनका कोई खास अधिकार बन जाता है। जबकि हेल्दी रिलेशनशिप की बुनियाद सम्मान और सहमति पर टिकी होती है, न कि खर्च किए गए पैसों पर।

सहमति की जगह नहीं ले सकता पैसा

किसी को कॉफी पर ले जाना, या बिरयानी खिलाना आपका फैसला है। लेकिन यह आपको सामने वाले कोई अधिकार नहीं देता है। कुछ लोग बिल भरने को एहसान या कोई इन्वेस्टमेंट समझते हैं और उसके बदले तारीफ या किसी प्रकार के फेवर की उम्मीद करते हैं।

लड़कियां न करें इग्नोर

1. कंट्रोलिंग व्यवहार

अगर कोई लड़का यह तय करने लगे कि आपको क्या पहनना चाहिए, किससे बात करनी चाहिए या कहां जाना चाहिए, तो इसे प्यार नहीं बल्कि कंट्रोलिंग व्यवहार माना जा सकता है।

2. अपनी गलती न मानना

टॉक्सिक लोग अक्सर हर गलती का दोष दूसरे पर डाल देते हैं। माफी मांगने या अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से बचना रिश्ते में तनाव पैदा कर सकता है।

3. एहसान जताना

मैंने तुम्हारे लिए इतना किया जैसी बातें बार-बार कहना एक बड़ा रेड फ्लैग हो सकता है।

4. आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करना

अगर आपकी परेशानी, दुख या राय को हमेशा छोटा बताया जाए या मजाक में उड़ा दिया जाए, तो यह टॉक्सिक हो सकता है।

5. जरूरत से ज्यादा शक

थोड़ी-बहुत परवाह अलग बात है, लेकिन हर समय फोन चेक करना, दोस्तों पर शक करना या बेवजह सवाल करना भरोसे की कमी दिखाता है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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