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New Year 2026: दुनिया के इन देशों में नहीं मनाया जाता है 1 जनवरी को न्यू ईयर का जश्न

दुनियाभर में लोग 1 जनवरी को नए साल का स्वागत करते हैं, जिसे ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है और इसे अंग्रेजी कैलेंडर भी कहा जाता है। इस कैलेंडर की उत्पत्ति रोमन और जूलियन कैलेंडर से हुई थी, जिसे 1582 में पोप ग्रेगरी XIII ने सुधारकर वर्तमान रूप दिया। हालांकि, कई देशों में लोग 1 जनवरी को नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नया साल मनाते हैं। ऐसे में आइए जानें इनके बारे में।

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वे देश जो नहीं मनाते हैं 1 जनवरी को नया साल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

New Year 2026: जल्द ही दुनियाभर के ज्यादातर लोग गुरुवार, 1 जनवरी, 2026 को नए साल (New Year 2026) का शुभ आगमन करेंगे। बात ये भी है कि, लोग नया साल तब महसूस करते हैं जब कैलेंडर की तारीख 31 दिसंबर से 1 जनवरी में बदल जाती है। 1 जनवरी को नया साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है, जिसे आम तौर पर दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और इसे 'अंग्रेजी कैलेंडर' भी कहा जाता है।

इस कैलेंडर की शुरुआत रोमन कैलेंडर और उसके बाद जूलियन कैलेंडर से हुई, लेकिन वर्तमान रूप इसे पोप ग्रेगरी XIII ने 1582 में सुधार कर दिया था। इसके बाद यह कैलेंडर दुनिया के अधिकांश देशों में आधिकारिक और नागरिक तौर पर अपनाया गया। लेकिन कई देशों में 1 जनवरी को नया साल नहीं मनाया जाता। यहां के लोग अपने पारंपरिक और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के अनुसार साल की शुरुआत का उत्सव मनाते हैं। ऐसे में जानें उन देशों के बारे में जहां 1 जनवरी को नया साल नहीं मनाया जाता है। (Countries Which do not Celebrate New Year on 1st January)

Chinese New Year

चीनी नव वर्ष

किन देशों में नहीं मनाया जाता है 1 जनवरी को नया साल?

चीन

चीन में 1 जनवरी को नया साल नहीं मनाया जाता। बता दें कि, चीनी नव वर्ष चीन और दुनिया भर में बसे चीनी समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला 15 दिन का वार्षिक उत्सव है। यह त्योहार पश्चिमी कैलेंडर के अनुसार 21 जनवरी से 20 फरवरी के बीच आने वाली अमावस्या से शुरू होता है और अगले पूर्णिमा तक चलता है। इस उत्सव को कभी-कभी चंद्र नव वर्ष भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी तिथियां चंद्रमा के चक्र के अनुसार तय होती हैं। यह एशियाई देशों और प्रवासी समुदायों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। 1990 के दशक के मध्य से चीन में चीनी नव वर्ष के समय लोगों को सात दिनों की लगातार छुट्टी दी जाती है, जिसे वसंत महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

थाईलैंड

थाईलैंड में पारंपरिक नया साल सोंगक्रान के रूप में 13 से 15 अप्रैल तक मनाया जाता है। यह थाई नव वर्ष है और सौर कैलेंडर के अनुसार वर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोग मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं, बड़ों का सम्मान करते हैं और आपस में पानी फेंककर उत्सव मनाते हैं। इसे जल महोत्सव भी कहा जाता है, जो शुभता और शुद्धिकरण का प्रतीक है, और यह थाईलैंड का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है।

श्रीलंका

श्रीलंका में अलुथ अवुरुद्दा (Aluth Awurudda) पारंपरिक नया साल है, जिसे सिंहली और तमिल नव वर्ष के नाम से भी जाना जाता है। यह आमतौर पर 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है और यह फसल के मौसम के अंत और वसंत के आगमन का प्रतीक है। इस अवसर पर परिवार और समुदाय मिलकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं, खास भोजन जैसे किरिबथ तैयार करते हैं, खेलों का आयोजन करते हैं और मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं। इसका समय सूर्य के मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करने पर आधारित होता है।

इथियोपिया

इथियोपिया में नया साल, जिसे एनकुटाटैश (Enkutatash) कहा जाता है, ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 11 सितंबर को मनाया जाता है, और लीप वर्ष में यह 12 सितंबर को आता है। इथियोपिया का अपना 13 महीने वाला कैलेंडर है, जिसके कारण वे बाकी दुनिया की तुलना में लगभग 7-8 साल पीछे रहते हैं। यह पर्व वर्षा ऋतु के अंत और नई शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें परिवार और मित्र एकत्र होते हैं और परंपरागत रूप से दावत और जश्न मनाते हैं।

When is New Year Celebrated in India?

भारत में नया साल कब मनाया जाता है?

भारत

जी हां, आज भले ही भारत में कई स्थानों पर 1 जनवरी को वेस्टर्न कल्चर के अनुसार नया साल मनाया जाता हो, लेकिन पारंपरिक रूप से विक्रम संवत के अनुसार नया साल अप्रैल महीने यानी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है। इस समय नई फसलें, धान, फल और फूल उगते हैं। भारत में अलग-अलग क्षेत्रों और धर्मों में नया साल अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।

नेपाल

इसी क्रम में, नेपाल में भी नया साल विक्रम संवत के अनुसार अप्रैल महीने में मनाया जाता है। लोग इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्सवों के साथ नया साल मनाते हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश और बिहार से बहुत से लोग नेपाल के शहरों में अपने परिवार और दोस्तों के साथ नया साल मनाने जाते हैं।

तिब्बती

तिब्बती नव वर्ष, जिसे लोसर कहा जाता है, तिब्बती चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है और आमतौर पर फरवरी या मार्च में आता है, जिसकी तारीख हर साल बदलती रहती है। वर्ष 2025 में यह महोत्सव 28 फरवरी से 2 मार्च तक मनाया गया। लोसर तिब्बत, भूटान, नेपाल और भारत में तिब्बती समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें प्रार्थना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक व्यंजन शामिल होते हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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