Caldwell 45: ब्रह्मांड की अलौकिक दुनिया के बारे में सबकुछ जान पाना असंभव है, लेकिन खगोलविद लगातार किसी-न-किसी रहस्यों से पर्दा उठाने की जुगत में लगे रहते हैं और उस दरमियां विस्मय हो जाते हैं। हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) और हबल स्पेस टेलीस्कोप की मदद से कैप्चर की गई एक अनोखी दुनिया का मनमोहक नजारा जारी किया जिसमें कैलडवेल 45 गैलेक्सी के टिमटिमाते युवा तारे दिखाई दे रहे हैं।
ब्रह्मांडीय जगत की अनोखी गैलेक्सी
कैलडवेल 45, जिसे एनजीसी 5248 (NGC 5248) के नाम से भी जाना जाता है, एक आकर्षक स्पाइरल गैलेक्सी (Spiral Galaxy) है, जो पृथ्वी से लगभग 59 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर बूटेस तारामंडल (Bootes Constellation) में स्थित है। इस गैलेक्सी की खोज जर्मन मूल के ब्रिटिश खगोलशास्त्री विलियम हर्शेल ने साल 1784 में की थी।
बूटेस तारामंडल
बूटेस तारामंडल रात के समय आसमान में दिखाई देने वाला 13वां सबसे बड़ा तारामंडल है। बूटेस एक प्राचीन ग्रीक शब्द है जिसका मतलब 'चरवाहा' होता है। बकौल नासा, बूटेस एक विशालकाय तारामंडल है, लेकिन इसमें कुछ ही खगोलीय पिंड हैं। इस तारामंडल में कुछ ही गैलेक्सी मौजूद हैं।
NASA के वीडियो में कैलडवेल 45 गैलेक्सी का स्टारबर्स्ट क्षेत्र दमक रहे हैं। आपको बता दें कि गैलेक्सी में स्टारबर्स्ट ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां पर सामान्य से कहीं अधिक दर से तारों का निर्माण होता है। नासा के वीडियो में स्पाइरल भुजाओं में दिखाई देने वाले नीले धब्बे युवा और गर्म तारों की उपस्थिति का संकेत देते हैं। नासा हबल ने वीडियो में इस्तेमाल हुए म्यूजिक का क्रेडिट NSLE म्यूजिक और यूनिवर्सल प्रोडक्शन संगीत के माध्यम से कॉलिन यार्क द्वारा "मिस्टिक वॉयस" को दिया है।
कहां से देखी जा सकती है कैलडवेल 45 की अनोखी दुनिया?
कैलडवेल 45 या कहें एनजीसी 5248 की स्पाइरल भुजाओं को देखने के लिए एक बड़े टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि छोटे टेलीस्कोप से गैलेक्सी चमकती हुई नहीं दिखाई देगी। इस अनोखी दुनिया को उत्तरी और दक्षिणी दोनों ही गोलार्ध से देखा जा सकता है, लेकिन सबसे बढ़िया समय की बात की जाए तो उत्तरी गोलार्ध से वसंत में और दक्षिणी गोलार्ध से शरद ऋतु में देखी जा सकती है।
