आईएसएस पर सवार एक अंतरिक्ष यात्री ने लीबिया के जबल अर्कानू में खूबसूरत गोलाकार आकृत्तियों वाली पहाड़ी को कैप्चर किया, जो अंतरिक्ष से 'अंगूठी' जैसी प्रतीत होती है। (फोटो साभार: NASA)
नासा की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्री ने 13 सितंबर, 2025 को जबल अर्कानू की शानदार तस्वीर कैप्चर की जिसकी चौतरफा चर्चा हो रही है। (फोटो साभार: NASA)
जबल अर्कानू, जिसे जबल अरकनू भी कहा जाता है, लीबिया के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मिस्र की सीमा के पास मौजूद है। इसके आसपास कई पर्वत श्रृंखलाएं हैं। (फोटो साभार: NASA)
शुरूआती दौर में ऐसा माना जाता रहा कि अंगूठी जैसे पहाड़ अंतरिक्ष से गिरे उल्कापिंडों के टकराव की वजह से बने हैं, लेकिन बाद में जब गहन जांच और विश्लेषण के आधार पर इन कल्पनाओं को खारिज कर दिया है। (फोटो साभार: NASA)
वैज्ञानिकों के मुताबिक, अंगूठी जैसी गोल आकृत्तियों वाली संरचनाएं तब बनीं जब धरती के भीतर से बार-बार गर्म पिघला हुआ मैग्मा ऊपर आया और आसपास की चट्टानों में घुस गया। (फोटो साभार: NASA)
जबल अर्कानू की आग्नेय चट्टानें मुख्यत: बेसाल्ट और ग्रेनाइट से बनी हुई हैं। इसके उत्तर में बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और क्वार्ट्ज से बनी 'टोपी जैसी' संरचना भी मौजूद हैं। (फोटो साभार: NASA)
नासा और JAXA के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी लीबिया, मिस्र और उत्तरी सूडान के आसपास के इलाकों में सालभर में 1-5 मिलीमीटर तक ही बारिश होती है। हालांकि, जबल अर्कानू जैसे आसपास के पर्वतीय इलाकों में थोड़ी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है जो लगभग 5-10 मिलीमीटर तक है। (फोटो साभार: NASA)