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एकल व्यक्तियों के लिए खुशखबरी! सरकार ने बच्चों के पालन पोषण नियमों को बनाया आसान; बस करना होगा ये काम

Foster Care: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मॉडल फोस्टर केयर दिशानिर्देशों को संशोधित किया है, जिसकी बदौलत अब एकल व्यक्तियों को भी पालन पोषण देखरेख की जिम्मेदारी मिल सकेगी। कम से कम दो साल तक पालन पोषण देखरेख करने के लिए वह बच्चे/बच्ची को गोद ले सकेंगे, जबकि 2016 के मॉडल फोस्टर केयर दिशानिर्देशों के तहत महज विवाहित जोड़ों को ही बच्चों के पालन-पोषण देखरेख की इजाजत मिलती थी।

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पालन पोषण देखरेख संशोधित दिशानिर्देश

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • फोस्टर केयर में बच्चों की संख्या बेहद कम।
  • 2016 के दिशानिर्देशों को किया गया संशोधित।
  • एकल पुरुषों भी कर सकेंगे बच्चों की देखभाल।

Foster Care: सरकार ने पालन पोषण देखरेख की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एकल व्यक्तियों के लिए बच्चों के पालन पोषण का रास्ता साफ कर दिया। हाल में जारी संशोधित मॉडल फोस्टर केयर दिशानिर्देशों (Model Foster Care Guidelines) के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विवाहित जोड़ों तक सीमित पालन पोषण देखरेख के नियमों में बड़ा बदलाव किया। ऐसे में सरकार ने अब 35 से 60 साल तक के एकल व्यक्तियों को बच्चों की देखभाल करने और दो साल बाद गोद लेने की अनुमति प्रदान की।

एकल व्यक्तियों में अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग हो चुके लोग शामिल हैं। हालांकि, इन नियमों में पुरुष और महिलाओं के लिए कुछ बुनियादी फर्क भी हैं। एकल महिला किसी भी लिंग के बच्चे का पालन-पोषण देखरेख कर सकती हैं और बाद में उसे गोद ले सकती हैं, लेकिन एकल पुरुषों के मामले में नियम थोड़े अलग हैं। एकल पुरुष महज बालक का पालन-पोषण देखरेख करने के बाद उसे गोद ले सकता है, जबकि 2016 के मॉडल फोस्टर केयर दिशानिर्देशों के तहत महज विवाहित जोड़ों को ही बच्चों के पालन-पोषण देखरेख की अनुमति थी।

आसान हुई प्रक्रिया

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने किसी भी व्यक्ति के लिए पालन पोषण देखरेख का रास्ता तो साफ किया ही है साथ ही उन्हें संशोधित दिशानिर्देशों के तहत फोस्टर पेरेंट्स (Foster Parent) को एक बच्चे को गोद लेने की इजाजत प्रदान की है। बकौल रिपोर्ट, फोस्टर पेरेंट्स बच्चे/बच्ची को तभी गोद ले सकेंगे जब उन्होंने कम से कम दो साल तक बच्चे/बच्ची की पालन पोषण देखरेख की हो। हालांकि, पहली इसकी न्यूनतम समयसीमा पांच साल थी।

विवाहित जोड़ों के नियमों में भी हुई तब्दीली

विवाहित जोड़ों के मामले में भी नियमों में तब्दीली की गई है। हालिया दिशानिर्देशों के मुताबिक, विवाहित जोड़ों के मामले में किसी भी बच्चे/बच्ची का पालन पोषण देखरेख तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि दंपत्ति के बीच दो साल का स्थिर वैवाहिक रिश्ता न हो। हालांकि, पहले ऐसी कोई शर्त नहीं थी। आसान भाषा में कहें तो पति और पत्नी के बीच में शांति के साथ दो साल से स्थिर शादी चल रही है तो वह पालन पोषण देखरेख के लिए योग्य होंगे।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पहले के दिशानिर्देश एकल व्यक्तियों को बच्चों को गोद लेने की अनुमति तो प्रदान करते थे, लेकिन पालन-पोषण देखरेख की इजाजत नहीं देते थे। ऐसे में दिशानिर्देशों में किया गया बदलाव कारगर सिद्ध होगा।

बकौल रिपोर्ट, बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता सत्यजीत मजूमदार ने कहा कि नागरिक समाज और राज्य स्तर पर इस बात को लेकर चर्चा हुई कि एकल व्यक्तियों को गोद लेने की अनुमति तो प्रदान की जा रही है, लेकिन पालन-पोषण देखरेख की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, संशोधित दिशानिर्देश उस विसंगतियों को दूर करने वाले हैं।

पंजीकरण कराना अनिवार्य

फोस्टर पेरेंट्स बाल दत्तक ग्रहण संसाधन सूचना एवं मार्गदर्शन प्रणाली (CARINGS) नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण करें। इस वेबसाइट पर लंबे समय से पंजीकरण की व्यवस्था मौजूद है और काफी माता/पिता पंजीकरण करा चुके हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता मजूमदार ने बताया कि फोस्टर केयर (Foster Care) में बच्चों की संख्या काफी कम है। लोगों को फोस्टर केयर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। 2024 के दिशानिर्देशों में संशोधन के बाद अधिक लोग फोस्टर केयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, मजूमदार ने कहा कि लोगों को यह पता होना चाहिए कि वह बच्चे की अस्थायी देखभाल कर रहे हैं, जब तक बच्चे की बायोलॉजिकल फैमिली उसकी देखरेख के लिए सक्षम नहीं होते हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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