Science News: दुनिया के फेफड़े कहे जाने वाले अमेजन के विशाल जंगलों में इस समय अल नीनो (El Nino) के कारण खड़े हुए सबसे भीषण और खतरनाक आग के संकट से जूझ रहे हैं। अल नीनो की वजह से पूरे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भीषण सूखा पड़ा है, जिसने जंगलों में आग की लपटों को अप्रत्याशित रफ्तार से फैला दिया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि अमेजन में केवल वही आग नहीं जल रही जो उपग्रहों के कैमरों में सीधी दिखती है, बल्कि इसके घने कैनोपी यानी पेड़ों की छतरी के नीचे दर्जनों 'छिपी हुई आग' जल रही है, जिससे विनाश का दायरा आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक भयावह हो चुका है।
मनाउस में जहरीली हुई हवा और छाई धुंध
अक्टूबर 2026 की शुरुआत से ही नासा के FIRMS (फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम), ग्लोबल फायर एमिशन डेटाबेस और Worldview जैसे निगरानी प्रणालियों में अमेजन नदी के मध्य और पूर्वी हिस्सों में आग की घटनाओं में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया। 12 अक्टूबर 2026 को नासा के Aqua सैटेलाइट पर लगे MODIS उपकरण ने एक भयानक दृश्य रिकॉर्ड किया, जिसमें अमेजन नदी के दोनों ओर सैकड़ों किलोमीटर क्षेत्र में धुएं के विशाल गुबार उठते दिख रहे हैं। ब्राजील के अमेजोनस राज्य की राजधानी और 20 लाख की आबादी वाला मनाउस शहर जहरीले धुएं की आगोश में समा गया है। शहर में PM2.5 का स्तर 135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर को पार कर गया है, जो फेफड़ों के लिए बेहद खतरनाक है। खतरनाक वायु प्रदूषण को देखते हुए शहर में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं को निलंबित कर दिया गया है और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
'डोमिनो इफेक्ट': इंडोनेशिया से अमेजन तक की कड़ी
नासा के गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डगलस मॉर्टन (Douglas Morton) के अनुसार, अमेजन की यह आग कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह अल नीनो से पैदा हुई आग का एक 'डोमिनो इफेक्ट' है।
पहला डोमिनो (इंडोनेशिया): अगस्त 2026 से ही अल नीनो के कारण भूमध्य रेखा के पास स्थित इंडोनेशिया के पीट के जंगलों में भयंकर सूखा पड़ा और वहां आग फैल गई, जिससे सैकड़ों घर जलकर राख हो गए।
दूसरा डोमिनो (अमेजन): अब बारिश के पैटर्न में बदलाव के चलते यह सूखा अमेजन के मध्य और पूर्वी हिस्से (ब्राजील के पारा और अमेजोनस राज्य) में पहुंच चुका है, जहां दूसरा डोमिनो गिर चुका है।
मॉर्टन के अनुसार, ठीक ऐसा ही ट्रेंड वर्ष 2015-2016 के सुपर अल नीनो और 2023 के दौरान देखा गया था। जो जंगल 2015 और 2023 में जले थे, वही जंगल आज फिर से आग की चपेट में आ रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए बेहद चिंताजनक है।
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नासा ने खोज निकाली सैटेलाइट की नजरों से बच निकलने वाली आग
अमेजन संकट का सबसे चौंकाने वाला पहलू नासा के अर्थ एक्शन प्रोजेक्ट के तहत वैज्ञानिक कॉफिल्ड के अध्ययन में सामने आया है। समान्य सैटेलाइट्स जंगल में आग का पता उसके द्वारा पैदा हुई इन्फ्रारेड रेडिएशन से लगाते हैं। हालांकि, अमेजन के घने जंगलों में जब धुएं का गुबार बहुत मोटा होता है या जब आग पेड़ों की ऊपरी पत्तियों के बजाय नीचे जमीन पर पड़े सूखे पत्तों और टहनियों में धीरे-धीरे फैलती है, तो पारंपरिक सैटेलाइट्स उस गर्मी को नहीं पकड़ पाते।
नासा के VIIRS (विजिबल इन्फ्रारेड इमेजिंग रेडियोमीटर सुइट) उपकरण के माध्यम से जब इन "कैंडिडेट फायर्स" (छिपी हुई संभावित आग) का डेटा जुटाया गया, तो पता चला कि संतारम (Santarem) क्षेत्र में आधिकारिक FIRMS आंकड़ों की तुलना में लगभग 40% अधिक आग जल रही है। यानी, जमीन पर जितनी तबाही दिख रही है, आधिकारिक आंकड़े उससे कहीं कम रिकॉर्ड कर पा रहे हैं।

अमेजन के किनारे उठते धुएं (चित्र साभार: NASA)
2027 तक मंडरा रहा है तबाही का खतरा
वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि 2026 के अल नीनो का यह सिर्फ पहला दौर है और यह आग का मौसम काफी लंबा खिंचने वाला है। इसी साल यानी नवंबर-दिसंबर 2026 में आग का यह पैटर्न उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे ब्राजील के रोराइमा, अमापा, उत्तरी पारा के साथ-साथ वेनेजुएला, गुयाना और सूरीनाम के जंगलों में आग का जोखिम चरम पर होगा। इसके बाद यह सूखा दक्षिण की ओर शिफ्ट होगा और अगस्त-सितंबर 2027 तक ब्राजील के दक्षिणी अमेज़न और पराग्वे के इलाकों में रिकॉर्ड आग देखने को मिल सकती है।
इन जंगलों के पौधे और जीव-जंतु बार-बार लगने वाली आग के अनुकूल विकसित नहीं हुए हैं। जब एक बार जंगल जलता है, तो वहां धूप सीधी जमीन पर पड़ती है, जिससे नमी खत्म होती है और वही जंगल भविष्य की आग के लिए ईंधन बन जाता है। नासा के इन नए खुलासों से अब ब्राजील सरकार और पर्यावरण एजेंसियों को जमीनी स्तर पर आग बुझाने के सटीक अभियान चलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
