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Orionid Meteor Shower 2026: क्या है ओरियोनिड उल्का बौछार? कब और कैसे देख पाएंगे आप

Orionid Meteor Shower 2026: अनंत ब्रह्मांड रोमांचक होने के साथ-साथ खतरनाक भी है, लेकिन इस महीने आसमान में रोचक नजारा देखने को मिल सकता है। जिसका दीदार आप भी कर पाएंगे।

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ओरियोनिड उल्का बौछार (फाइल फोटो)

Orionid Meteor Shower 2026: आसमान में एक बार फिर अद्भुत खगोलीय नजारा दिखाई देने वाला है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में ओरियोनिड उल्का बौछार अपने चरम पर पहुंचने वाली है, जिसको देखकर अंतरिक्ष प्रेमी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।

21 और 22 अक्टूबर को ओरियोनिड उल्का बौछार अपने चरम पर होगी। इस दौरान आसमान में चमकती हुई उल्काएं दिखाई दे सकती हैं, जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में 'टूटते तारे' कहा जाता है।

क्या है ओरियोनिड उल्का बौछार

ओरियोनिड उल्का बौछार एक खगोलीय घटना है, जो हर साल तब दिखाई देती है, जब पृथ्वी धूमकेतु 1P/हैली द्वारा छोड़े गए धूल और मलबे के रास्ते से गुजरती है। आपको बता दें कि हैली धूमकेतु सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षा में घूमता है और अपने पीछे छोटे-छोटे कण छोड़ता जाता है। जब ये कण पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होते हैं, तो अत्यधिक रफ्तार के चलते गर्म होकर चमकने लगते हैं। इस घटना को जब हम आसमान में देखते हैं तो वह टूटते तारों जैसी प्रतीत होती है।

ओरियोनिड उल्काएं 2,37,539 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हो सकती हैं। इस दौरान कण गर्म होकर तबाह हो जाते हैं और आसमान में कुछ पल के लिए चमकती हुईं लकीरें नजर आती हैं।

कब और कैसे देखें अद्भुत नजारा

'टूटते तारों' को देखने का सबसे बढ़िया समय 22 अक्टूबर की आधी रात को है। जब चारों ओर घना अंधेरा छाया हो और आप शहर की रोशनी से कहीं दूर ऐसी जगह पर हों, जहां से आसमान एकदम साफ दिखे। ऐसे मौके पर आपको आसमान में प्रति घंटे 10-20 टूटते तारे दिख सकते हैं।

हालांकि, इस बार चांद की रोशनी कुछ मुश्किल पैदा कर सकती है। चंद्रमा लगभग 74 फीसदी प्रकाशित होगा, जिससे उसकी तेज रोशनी के कारण कम चमक वाली उल्काएं देखना कठिन हो सकता है।

Orionid Meteor Shower 2026

ओरियोनिड उल्का बौछार (फाइल फोटो)

लेकिन आप लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। आधी रात के कुछ घंटे बाद चंद्रमा अस्त हो जाएगा। इसके बाद सूर्योदय से पहले आसमान में उल्काएं देखने का मौका मिल सकता है। अंतरिक्ष प्रेमियों को इससे बेहतर नजारा शायद ही देखने को मिले। वह आसमान में एकदम दिवाली जैसा नजारा देख पाएंगे।

कहां देख पाएंगे उल्काएं

ओरियोनिड उल्काएं ओरियन (Orion) तारामंडल के पास से आती हुई दिखाई देती है। इनका रेडिएंट यानी वह क्षेत्र, जहां से उल्काएं आती हुई प्रतीत होती हैं, लाल रंग के विशाल तारे बेटेलज्यूज (Betelgeuse) के करीब स्थित है।

ड्रैकोनिड उल्का बौछार

हाल ही में आसमान ड्रैकोनिड उल्का बौछार से दमक रहा था। इन उल्काओं को देखने के लिए देर रात तक जागने की जरूरत नहीं पड़ती है, बल्कि यह तो सूर्यास्त के कुछ घंटे बाद ही दिखने लगता है। ड्रैकोनिड उल्काएं 6 से 10 अक्टूबर के बीच सबसे ज्यादा सक्रिय थीं। यह उल्काएं तब दिखाई देती हैं, जब पृथ्वी धूमकेतु 21P/जियाकोबिनी-जिनर (21P/Giacobini-Zinner) के पीछे छोड़े गए धूल और मलबे के कणों के रास्ते से गुजरती है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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