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ब्रह्मांडीय विकास के सिद्धांतों को चुनौती दे रही मिल्की-वे जैसी गैलेक्सी, सिर खुजाते रह गए वैज्ञानिक

Rotating Disk Galaxy: अनंत ब्रह्मांड में काफी कुछ ऐसा है जिसके बारे में शायद ही वैज्ञानिकों को पता चल पाए, फिर भी ब्रह्मांडीय दुनिया को जानने की चाहत ने कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने सबसे दूरस्थ और रोटेटिंग डिस्क एक अनोखी आकाशगंगा की खोज की है, जो ब्रह्मांडीय विकास के सिद्धांतों को चुनौती देने की क्षमता रखती है।

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रिबेल-25 आकाशगंगा (फोटो साभार: https://x.com/almaobs)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • वैज्ञानिकों ने खोजी अनोखी गैलेक्सी।
  • प्रचीन आकाशगंगा को दिया गया REBELS-25 नाम।
  • REBELS-25 के बारे में और जानना चाहते हैं वैज्ञानिक

Rotating Disk Galaxy: ब्रह्मांडीय दुनिया के अपने अनेकों नियम और रहस्य हैं। मौजूदा समय में हम जो आकाशगंगाएं अंतरिक्ष में आकाशगंगाएं देखते हैं वो प्रारंभिक आकाशगंगाओं से काफी भिन्न हैं। ब्रह्मांडीय दुनिया के मौजूदा सिद्धांतों से ऐसा लगता है कि किसी आकाशगंगा को हमारी घरेलू आकाशगंगा के समान व्यवस्थित होने के लिए अरबों सालों के विकास कार्यक्रम से गुजरना पड़ा होगा। हालांकि, वैज्ञानिकों ने एक अनोखी आकाशगंगा की खोज की है, जो उस समयसीमा को ही चुनौती देती है।

सिर खुजाने लगे वैज्ञानिक

अबतक देखी गई सबसे दूरस्थ और रोटेटिंग डिस्क गैलेक्सी ने वैज्ञानिकों को हैरान किया और यह आकाशगंगा विकास के सिद्धांतों को चुनौती दे रही है। इस अनोखी आकाशगंगा का विज्ञानी नाम REBELS-25 है, जिसे बिग बैंग के 70 करोड़ वर्ष बाद की स्थिति के आधार पर देखा जा रहा है। दरअसल, उस दौर में वैज्ञानिकों को लगता था कि आकाशगंगाएं छोटी और अव्यवस्थित थीं, लेकिन यह इससे अलग निकली।

वैज्ञानिकों ने REBELS-25 को खोजा

वैज्ञानिकों ने अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) का इस्तेमाल कर REBELS-25 नामक आकाशगंगा की खोज की। स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, लीडेन यूनिवर्सिटी की लूसी रोलैंड, जो शोधकर्ता दल में शामिल हैं, ने कहा कि हमारी आकाशगंगा से समानता रखने वाली एक आकाशगंगा को देखना हमारी इस समझ को चुनौती देती है कि प्रारंभिक ब्रह्मांड की आकाशगंगाएं कितनी तेजी से आज के ब्रह्मांड की व्यवस्थित आकाशगंगाओं में विकसित हुईं।

बकौल रिपोर्ट, REBELS-25 प्रारंभिक जांच हाई रिजॉल्यूशन वाली नहीं थी, लेकिन इस बार आकाशगंगा की संरचना और गति सटीकता के साथ उजागर करने के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने ALMA और हाई रिजॉल्यूशन के साथ अध्ययन को जारी रखा है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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