गैंगस्टर विकास दुबे की मां ने कहा- उसे पकड़ो और फिर उसका एनकाउंटर कर दो

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 4, 2020, 09:36 AM IST

Kanpur Vikas Dubey: कानपुर में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस गई पर हमला होता है और 8 पुलिसकर्मी शहीद हो जाते हैं। इस घटना के बाद विकास दुबे की मां ने कहा है कि उसके बेटे को एनकाउंटर में मार दो।

गैंगस्टर विकास दुबे की मां ने कहा- उसे पकड़ो और फिर उसका एनकाउंटर कर दो
Photo Credit: ANI

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए जिम्मेदार कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की मां ने कहा है कि पुलिस को उसके बेटे को मुठभेड़ में मार देना चाहिए क्योंकि उसने जो किया है वह गलत है। विकास दुबे की माँ सरला देवी ने कहा, 'उसे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो पुलिस उसे मुठभेड़ में मार सकती है। मैं कहती हूं कि उसे मार डालो भले ही आप (पुलिस) उसे पकड़ सकते हों क्योंकि उसने जो किया है वह बहुत गलत है।'

सरला देवी ने कहा कि विकास दुबे को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'निर्दोष पुलिसकर्मियों को मारकर उसने बहुत बुरा काम किया है। मैंने टीवी पर मुठभेड़ की खबर देखी। मैं चाहती हूं कि वह बाहर आए और अपनी बेहतरी के लिए पुलिस के सामने सरेंडर करे, नहीं तो पुलिस उसे वैसे भी ढूंढ लेगी। मैं कहती हूं कि उसे पकड़ो और फिर उसका फिर एनकाउंटर करो। उसे सजा मिलनी ही चाहिए।'

'मंत्री की हत्या की थी' 

दूबे की मां ने कहा कि वह राजनेताओं के संपर्क में आने के बाद अपराध की दुनिया में शामिल हुआ। सरला देवी ने यह भी कहा कि दुबे ने परिवार को बहुत शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा कि विकास विधायक बनना चाहता था। उसने तत्कालीन भाजपा सरकार में मंत्री रहे संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। मैं चार महीने में उससे नहीं मिली हूं। मैं अपने छोटे बेटे के साथ लखनऊ में रह रही हूं। हम उसकी वजह से बहुत सारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 

गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला

गुरुवार देर रात जिले के चौबेपुर में अपराधियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए तथा पांच पुलिस कर्मी, एक होमगार्ड जवान और एक आम नागरिक घायल हुए। इस घटना के बाद शुक्रवार सुबह से फरार अपराधियों की तलाशी में जुटी कानपुर पुलिस के साथ हुई एक अन्य मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकडने देर रात पुलिस टीम गई थी, तभी उन पर ये हमला हो गया। दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं।  पुलिस दल जैसे ही दुबे के छिपने के ठिकाने पर पहुंचा, अचानक छत से गोलियों की बौछार शुरू हो गई और पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा, तीन सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शहीद हो गए। पुलिस विकास दुबे के गांव में उसे गिरफ्तार करने गई थी।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!