Gurjar agitation: राजस्थान में फिर शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन, रेल लाइन पर बैठे, कई ट्रेनों का मार्ग बदला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 1, 2020, 11:45 PM IST

Gurjar agitation: आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में गुर्जरों का आंदोलन एक बार फिर शुरू हो गया है। कई जगह पटरियों पर प्रदर्शनकारी बैठ गए हैं। रेलवे ने कई ट्रेनों का मार्ग बदला है।

Gurjar agitation: राजस्थान में फिर शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन, रेल लाइन पर बैठे, कई ट्रेनों का मार्ग बदला

जयपुर: गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर गुर्जरों ने रविवार को बयाना में फिर आंदोलन शुरू कर दिया। समाज के युवा बड़ी संख्या में पीलूपुरा में रेलवे पटरियों पर बैठ गए। इस बीच राज्य के युवा व खेल मंत्री अशोक चांदना गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला से मिलने रविवार रात हिंडौन पहुंचे हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इससे पहले गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक बयाना के पीलूपुरा गांव में हुई। वहां समिति के नेता विजय बैंसला ने गुर्जरों के एक प्रतिनिधि मंडल के सरकार के साथ शनिवार को हुए समझौते को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में कुछ नहीं है और वे समिति द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर कार्रवाई चाहते हैं।

गुर्जर समाज के युवा दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर बैठ गए। उन्होंने बयाना हिंडौन सड़क मार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या आंदोलन लंबा चलेगा, समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने मीडिया से कहा, 'यह सरकार पर निर्भर करता है।' 

इस बीच बैंसला से मिलने राज्य के खेल व युवा मंत्री चांदना रविवार रात हिंडौन पहुंचे। लेकिन बैंसला की तबीयत नासाज होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वह आंदोलन स्थल पीलूपुरा रवाना हुआ लेकिन आंदोलन के चलते रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण उन्हें बीच रास्ते से जयपुर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह कर्नल बैंसला के बुलावे पर ही आए थे और कर्नल बैंसला व समिति के सदस्यों से मिलना चाहते थे जो संभव नहीं हो पाया। 

उल्लेखनीय है कि गुर्जरों के एक प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को जयपुर में सरकार के साथ बातचीत की थी। उसके बाद दोनों पक्षों में 14 बिंदुओं पर सहमति बनी थी लेकिन कर्नल बैंसला इसमें शामिल नहीं हुए। इस बीच रेलवे ने राजस्थान के बयाना में गुर्जर आंदोलन को देखते हुए कई ट्रेनों का मार्ग बदल दिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि गुर्जर आंदोलन के कारण हिंडौन सिटी-बयाना रेलखंड पर रेल यातायात अवरुद्ध होने के कारण सात गाड़ियों का मार्ग बदला गया है। इस बीच संभावित आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं वहीं सरकार ने भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, झालावाड़ व करौली जिले में पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू कर दिया है।

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