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Zojila Tunnel: कश्मीर घाटी को लद्दाख क्षेत्र से जोड़ने वाली 'जोजिला टनल' को लेकर आया ये बड़ा अपडेट

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Apr 9, 2023, 07:34 PM IST

Strategic Zojila Tunnel Update: सामरिक जोजिला सुरंग के अगले साल से सशस्त्र बलों के लिए खोल दिए जाने की संभावना है क्योंकि मेगा परियोजना पर काम तेज हो गया है

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जोजिला टनल को लेकर आया ये बड़ा अपडेट

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • टनल बालटाल को लद्दाख में करगिल जिले के द्रास कस्बे में मिनीमार्ग को जोड़ेगी
  • भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद हो जाता है जिससे लद्दाख का कश्मीर घाटी से संपर्क टूट जाता है
  • दोनों परियोजनाओं पर तेज गति से काम चल रहा है

Zojila Tunnel Project Update: कश्मीर घाटी को लद्दाख क्षेत्र से जोड़ने वाली सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग (Zojila Tunnel) के निर्माण का काम पूरी गति से चल रहा है और लगभग 40 प्रतिशत खुदाई का काम पूरा हो चुका है। इसके साथ ही कंपनी ने उम्मीद जताई है कि यह परियोजना दिसंबर, 2026 तक पूरी हो जाएगी। श्रीनगर-करगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे में निर्माणाधीन यह सुरंग परियोजना सामरिक महत्व रखती है क्योंकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद हो जाता है जिससे लद्दाख क्षेत्र का कश्मीर घाटी से संपर्क टूट जाता है।

जोजिला सुरंग मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल से लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास शहर में मिनिमर्ग तक 18 किमी की पहुंच सड़क के साथ 13 किमी लंबी है।

मुख्य सुरंग की लंबाई 13 किलोमीटर

जोजिला सुरंग कश्मीर के गांदेरबल जिले में बालटाल को लद्दाख में करगिल जिले के द्रास कस्बे में मिनीमार्ग को जोड़ेगी। सोनमर्ग से बालटाल तक 18 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग है जबकि मुख्य सुरंग की लंबाई 13 किलोमीटर है।इस सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) के परियोजना प्रमुख हरपाल सिंह ने कहा कि इसका काम पूरी रफ्तार से चल रहा है।

यह परियोजना बेहद क्रांतिकारी

उन्होंने कहा, 'भारत सरकार की यह परियोजना बेहद क्रांतिकारी है। सोनमर्ग से मिनीमार्ग तक इस परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर है। सोनमर्ग से बालटाल तक 18 किलोमीटर लंबा मार्ग है और उसके बाद बालटाल से मिनीमर्ग तक मुख्य सुरंग 13 किलोमीटर की है। दोनों परियोजनाओं पर तेज गति से काम चल रहा है।'

दो महीने तक काम बंद करना पड़ा था

सिंह ने कहा कि जनवरी में बार-बार हिमस्खलन होने के कारण दो महीने तक काम बंद करना पड़ा था। हिमस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई थी और निर्माण कंपनी के 38 निर्माण उपकरण बर्फ में दब गए थे, जो अभी तक नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने कहा, 'वह एक अस्थायी व्यवधान था। उम्मीद है कि पूरी परियोजना दिसंबर, 2026 तक पूरी हो जाएगी।' केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अगुआई वाली सड़क परिवहन और राजमार्ग पर संसदीय सलाहकार समिति इस परियोजना का निरीक्षण करने के लिए सोमवार को पहुंच रही है।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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