Amit Shah Jammu Kashmir Meeting: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थित को लेकर आज एक हाईलेवल मीटिंग की। अमित शाह ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे "क्षेत्रीय वर्चस्व और शून्य आतंकी योजना के माध्यम से कश्मीर घाटी में प्राप्त सफलताओं को जम्मू संभाग में दोहराएं"।
आतंकवाद समर्थकों पर हो सख्त कार्रवाई
पांच घंटे तक चली बैठक में शाह ने इस बात पर भी जोर दिया कि मोदी प्रशासन अभिनव रणनीतियों के साथ आतंकवादियों से निपटने के लिए एक मिसाल कायम करने के लिए समर्पित है। बैठक के दौरान शाह ने जम्मू में आतंकवाद समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए और आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करने की बात कही। मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्री ने तीर्थयात्रा के लिए मजबूत सुरक्षा कवर की आवश्यकता पर भी जोर दिया और अधिकारियों से सभी मार्गों और प्रमुख स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा।
घुसपैठ के रास्ते हों बंद
शाह ने निर्देश दिया कि राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों और उनके समर्थकों पर नज़र रखने के लिए खुफिया जानकारी पर और मजबूती से काम हो। उन्होंने घाटी में विदेशी आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी घुसपैठ बिंदुओं को बंद करने के लिए भी कहा। बैठक में 29 जून से शुरू होने वाली और 19 अगस्त को समाप्त होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा कवर की आवश्यकता पर भी बात हुई।
अजित डोभाल औऱ मनोज सिन्हा समेत ये रहे मीटिंग में मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सेना प्रमुख मनोनीत लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आरआर स्वैन और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी उपस्थित थे।
