कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बड़ा दांव चल दिया है। कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी की बहन वाई.एस. शर्मिला की पार्टी का अपने में विलय करा दिया है। जगन मोहन रेड्डी कभी कांग्रेस के खिलाफ ही अपनी लड़ाई शुरू की थी, उसी के वोट को झटक कर वो सत्ता में भी काबिज हुए हैं, लेकिन राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की जोड़ी ने आंध्र प्रदेश में खेला कर दिया है।
कौन है वाई एस शर्मिला
वाई एस शर्मिला आंध्र प्रदेश के उस पूर्व सीएम राजशेखर रेड्डी की बेटी है, जिनका एक बहुत बड़ा जनाधार था, उसी जनाधार के बल पर शर्मिला के भाई जगनमोहन सत्ता में हैं। 2019 के चुनावों में वाईएसआरसीपी यानि कि अपनी भाई की पार्टी के लिए शर्मिला ने काफी मेहनत की थी, सक्रिय रूप से प्रचार किया था, पार्टी के भारी जीत के साथ सत्ता में आने के बाद, जगनमोहन रेड्डी ने उन्हें दरकिनार कर दिया। जिसके बाद शर्मिला ने तेलंगाना से अपनी राजनीति की अलग शुरुआत की। अपनी अलग पार्टी वाईएसआर तेलंगाना पार्टी बनाया।
कांग्रेस को कैसे होगा फायदा
दरअसल शर्मिला के पिता यानि कि आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम राजशेखर रेड्डी कांग्रेस के बड़े नेता थे, कांग्रेस से ही सीएम थे, एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जब उनकी मृत्यु हुई तो जगन मोहन रेड्डी और कांग्रेस में बनी नहीं, कहा गया कि जगन मोहन सीएम की कुर्सी चाहते थे, जो कांग्रेस से नहीं मिली। इसके बाद जगन मोहन ने कांग्रेस से अलग अपनी पार्टी बना ली, जो आज सत्ता में भी है। कांग्रेस को राजशेखर के परिवार के हटने से बड़ा नुकसान हुआ और वो सत्ता से काफी दूर हो गई। हाल के चुनावों में कांग्रेस ने साउथ में अपनी पकड़ मजबूत की है। तेलंगाना में पहली बार सरकार बनाई है, अब उसकी नजर आंध्र प्रदेश पर है, जिसमें शर्मिला की बड़ी भूमिका हो सकती है।
राहुल को लेकर शर्मिला का बड़ा दावा
शर्मिला ने कांग्रेस में एक तरह से घरवापसी की है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद शर्मिला ने कहा- "राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना, मेरे पिता का सपना था और मुझे खुशी है कि मैं इसे साकार करने में हिस्सा लेने जा रही हूं। तेलुगु लोगों के महान नेता डॉ वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने न केवल जीवन भर कांग्रेस पार्टी की सेवा की, बल्कि कांग्रेस पार्टी की सेवा में अपना जीवन भी दे दिया। आज उन्हें बहुत खुशी होगी कि उनकी बेटी उनके नक्शेकदम पर चल रही है और कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बनने जा रही है।"
