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'वन नेशन, वन इलेक्शन' के समर्थन में युवा, 26 मार्च को जंतर-मंतर पर करेंगे अनशन

One Nation One Election: 'वन नेशन, वन इलेक्शन' लागू करने के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों, शिक्षाविदों और तमाम वालंटियर्स ने 'संविधान सपोर्ट ग्रुप' के बैनर तले एक कार्यक्रम आयोजित किया। समूह ने बताया कि कार्यक्रम में इस विषय पर चर्चा की गई कि 1952 से 1967 तक देश में यही प्रणाली लागू थी, तो अब यह क्यों नहीं हो सकता।

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वन नेशन, वन इलेक्शन' के समर्थन में युवा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

One Nation One Election: राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को 'वन नेशन, वन इलेक्शन' लागू करने के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों, शिक्षाविदों और तमाम वालंटियर्स ने 'संविधान सपोर्ट ग्रुप' के बैनर तले एक कार्यक्रम आयोजित किया। समूह ने बताया कि कार्यक्रम में इस विषय पर चर्चा की गई कि 1952 से 1967 तक देश में यही प्रणाली लागू थी, तो अब यह क्यों नहीं हो सकता। 'संविधान सपोर्ट ग्रुप' के सदस्यों का कहना है कि यह मुहिम का दूसरा चरण है, और इसे शुरू करने से पहले देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे किया गया है। करीब 300 सांसदों से बातचीत की गई है, जिनमें कुछ विपक्षी सांसद भी इस पहल के पक्ष में हैं।

27 मार्च को भी होगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन

समूह ने घोषणा की कि 24-25 मार्च को दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रम होंगे, जिसमें देशभर के युवा और छात्र भाग लेंगे। इसके बाद 26 मार्च को जंतर-मंतर पर एक हजार से अधिक युवक अपनी आवाज उठाने के लिए अनशन पर बैठेंगे। इसके बाद 27 मार्च को अंबेडकर मूर्ति से संसद तक एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के वकील और 'संविधान सपोर्ट ग्रुप' के वालंटियर हर्ष दाहिया ने कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 'वन नेशन-वन इलेक्शन' की आवश्यकता सरकार और विपक्ष तक पहुंचे। हम चाहते हैं कि युवा इस मुद्दे पर आवाज़ उठाएं और यह संदेश संसद तक पहुंचे। हमारा उद्देश्य यह है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से देश का युवा यह स्पष्ट कर सके कि वह 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के पक्ष में है।

समूह के एक और वालंटियर देवेंद्र भारद्वाज ने कहा कि हम जानते हैं कि देश में बड़े बदलावों का नेतृत्व युवाओं ने किया है। इस मुहिम का उद्देश्य यह है कि 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के तहत चुनाव प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाए। हम सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि वे युवाओं की इस मांग को समझें और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर काम करें। एक महिला वालंटियर ने कहा कि हम प्रधानमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे, जो हमारे देश के युवाओं की सामूहिक इच्छा का प्रतीक होगा। हम चाहते हैं कि वे इस दिशा में कदम बढ़ाएं और 'वन नेशन-वन इलेक्शन' को जल्द से जल्द लागू करें।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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