देश

तिहाड़ जेल में अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखने से किया गया मना, सुपरिटेंडेंट ने दी सीएम को हिदायत

तिहाड़ जेल नंबर 2 के अधीक्षक ने दिल्ली कारागार नियम, 2018 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए केजरीवाल को पत्र लिखकर सलाह दी कि ऐसी किसी भी अनुचित गतिविधि से दूर रहें अन्यथा उनके विशेषाधिकारों में कटौती कर दी जाएगी।

Image

अरविंद केजरीवाल को हिदायत

Photo : PTI

Kejriwal Letter to Delhi LG: तिहाड़ जेल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखने से मना किया गया है। 6 अप्रैल को दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र भेजने की कोशिश कर रहे थे। जेल के नियमों के मुताबिक केवल निजी मामलों में ही बाहर अपने करीबियों को पत्र लिखा जा सकता है। बाद में इस पत्र के कुछ हिस्से मीडिया को लीक कर दिए गए (जो उपराज्यपाल को लिखा जा रहा था)। प्रशासन ने इसे जेल में मिली सुविधाओं का गलत इस्तेमाल माना है। जेल नंबर 2 के सुपरिटेंडेंट ने केजरीवाल को हिदायत दी कि वो दोबारा ऐसा न करें नहीं तो उनकी सुविधाएं कम कर दी जा सकती हैं।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लिखा पत्र

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सूचित किया है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लिखा गया उनका पत्र जिसमें उन्होंने कहा था कि आतिशी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराएंगी, दिल्ली कारागार नियमों के तहत उन्हें दिए गए विशेषाधिकारों का दुरुपयोग है। तिहाड़ जेल नंबर 2 के अधीक्षक ने दिल्ली कारागार नियम, 2018 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला दिया और केजरीवाल को पत्र लिखकर सलाह दी कि ऐसी किसी भी अनुचित गतिविधि से दूर रहें अन्यथा उनके विशेषाधिकारों में कटौती कर दी जाएगी।

पत्र में कहा- आतिशी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी

केजरीवाल ने उपराज्यपाल को पिछले सप्ताह लिखे पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी जगह दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी। हालांकि, उपराज्यपाल कार्यालय ने मुख्यमंत्री की ओर से ऐसा कोई पत्र मिलने की बात से इनकार किया है। केजरीवाल कथित आबकारी नीति घोटाले के सिलसिले में सीबीआई के एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आबकारी नीति से जुड़े न शोधन मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है।

पत्र हुआ मीडिया में लीक

केजरीवाल को लिखे पत्र में तिहाड़ जेल अधिकारियों ने कहा, उपर्युक्त नियमों को पढ़ने मात्र से यह स्पष्ट है कि आपका पत्र ऐसे पत्र व्यवहार की श्रेणी में नहीं आता है जिसके जेल के बाहर भेजे जाने की अनुमति हो। केवल लोगों के एक समूह के साथ निजी पत्र-व्यवहार की ही अनुमति है। इसलिए, आपका दिनांक छह अगस्त को लिखा पत्र प्राप्तकर्ता को नहीं भेजा गया है। पत्र में लिखा है कि विचाराधीन कैदी दिल्ली कारागार नियमों के कानूनी प्रावधानों से संचालित होते हैं। इसमें कहा गया है, यह जानकर आश्चर्य हुआ कि 6 अगस्त को आपके द्वारा सौंपे गए पत्र की सामग्री बिना किसी अधिकार के मीडिया को लीक कर दी गई। यह दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत आपको दिए गए विशेषाधिकारों का दुरुपयोग है।

जेल अधीक्षक ने दी हिदायत

जेल अधीक्षक ने केजरीवाल को हिदायत दी कि वह ऐसी किसी भी अनुचित गतिविधि से दूर रहें। पत्र में कहा गया है, ऐसा न करने पर मुझे आपके विशेषाधिकारों में कटौती करने के लिए दिल्ली कारागार नियम, 2018 के प्रावधानों को लागू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। पत्र में नियम 588 का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि कैदियों द्वारा लिखे गए सभी पत्रों की विषय-वस्तु निजी मामलों तक ही सीमित होगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article